श्रीप्रकाश और उनके परिवार के साथ हुई घटना के बारे में जान कर रसायन विज्ञान विभाग के प्रोफेसर स्तब्ध नजर आए। वहीं, रघुनाथपुर के ग्रामीण भी श्रीप्रकाश के बारे में कोई जानकारी नहीं दे सके।
गांव के कुछेक बुजुर्गों के अनुसार श्रीप्रकाश ने अपनी पैतृक संपत्ति लगभग 25 साल पहले बेच दी थी। उनके पिता की मौत हो गई थी और उनकी मां उनके साथ ही रहती थी। वर्षों से वह गांव नहीं आए थे, इस वजह से उनके बारे में किसी को कोई खास जानकारी नहीं है।
गुरुग्राम के सेक्टर-49 स्थित उप्पल साउथ एंड एस ब्लॉक के फ्लैट नंबर 299 में डॉ. श्रीप्रकाश सिंह (55) अपने परिवार के साथ रहते थे। उनके परिवार में पत्नी सोनू सिंह (50), बेटी अदिति (22) और बेटा आदित्य (13) थे। उन्होंने रविवार देर रात धारदार हथियार से पहले परिवार के तीनों सदस्यों को मौत के घाट उतारा और फिर खुद फांसी पर झूल गए।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार डॉ. प्रकाश मूलरूप से वाराणसी के रहने वाले थे। घटनास्थल से एक सुसाइड नोट भी मिला था, जिसमें लिखा था, "मैं अपने परिवार को संभाल नहीं पा रहा था।"