गुरुनानक देव के 550वें प्रकाशोत्सव पर बुधवार को बच्चों ने गुरुवाणी और शबद कीर्तन से पूरा माहौल भक्तिमय बना दिया। गुरुनानक खालसा बालिका इंटर कॉलजे गुरुबाग में बच्चों ने अपने सुरीले स्वर से गुरुनानक देव को याद किया। शुभारंभ ‘स्वागत-स्वागत ध्वनी आती है... गायन से बच्चों ने किया। इसके बाद बच्चों ने तकया बब्बर दे दरबार इक मस्ताना जोगी... की प्रस्तुति से माहौल को भक्तिमय कर दिया।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण 55 बच्चों द्वारा 55 मिनट तक अविरल शबत कीर्तन रहा। बच्चों ने गुरुनानक देव जी द्वारा उच्चारित शब्दों का गायन किया। मुख्य अतिथि काशी विद्यापीठ के कुलपति प्रो. टीएन सिंह ने कहा कि गुरुनानक देव महाराज किसी एक फिरके, किसी एक जाति, किसी एक देश के रहबर नहीं थे, बल्कि वे समूची मानवता के पैगंबर थे। विशिष्ट अतिथि उप शिक्षा निदेशक, पंचम मंडल, ओंकार शुक्ला ने गुरुनानक देव के उपदेशों पर प्रकाश डाला। विद्यालय की निदेशिका दलजीत कौर आहलूवालिया ने गुरुनानक के उपदेश किरत करो, नाम जपो और बंड के खाओ इस पर विस्तार से विवरण दिया। विजेता बच्चों को भी पुरस्कृत किया गया। संचालन डॉ. किरन शुक्ला, सुमेधा सिंह ने किया। धन्यवाद विद्यालय की कार्यवाहक प्रधानाचार्य मीना कुमारी ने दिया। सीसीआरटी के अंतर्गत नोडल अधिकारी डॉ. मनोज कुमार चतुर्वेदी, साहित्यकार नीरजा माधव, मंत्री भवन के संस्थापक चंद्रकांत, जगजीत सिंह सबरवाल, परमजीत अहलूवालिया, दलजीत कौर, सरदार जगजीत सिंह, मनीष खत्री, डॉ. बनी माधव आदि मौजूद रहे।