वाराणसी। शहर के एक मसाला कारोबारी के दो फैक्ट्री सहित एक प्रतिष्ठान पर बुधवार को वाणिज्यकर विभाग की टीम ने एक साथ छापा मारा। देर रात तक चली कार्रवाई में वाणिज्यकर अफसरों के हाथ कई अहम दस्तावेज लगे। इसमें कई गड़बड़ियां मिली हैं। अफसरों ने कई कागजात सीज कर कब्जे में ले लिया है। कार्रवाई के दौरान कारोबारी द्वारा रिटर्न में टैक्स कम दिखाने की जांच पड़ताल होती रही।
वाणिज्यकर विभाग के अफसरों की टीम दोपहर विशेश्वरगंज स्थित आरएल मसाले के हेड आफिस, चंदौली स्थित दांडी व भोजपुर स्थित फैक्ट्रियों में एक साथ पहुंची। अफसरों की टीम को देखकर फैक्ट्रियों में तैनात कर्मचारियों में हड़कंच मच गया। अफसरों की टीम ने फक्ट्रियों में रखे एक-एक कागजात, कंप्यूटर की सीडी, खरीद-फरोख्त से संबंधित रजिस्टरों की जांच की। इसमें काफी गड़बड़ियां सामने आई हैं।
मसाला कारोबारी पिछले कई सालों से विभाग में टैक्स कम जमा करता था, आईटीसी (इनपुट टैक्स क्रेडिट) क्लेम ज्यादा कर रहा था। इसको देखते हुए वाणिज्यकर विभाग के एडिशनल कमिश्नर एसआईबी एमके शुक्ला के नेतृत्व में 60 अफसरों की सात टीमें बनाई गई थीं। तीन टीम को भोजपुर व तीन टीम पड़ाव स्थित दांडी फैक्ट्री में जांच के लिए पहुंची। एक टीम को विशेश्वरगंज स्थित हेड आफिस में कार्रवाई के लिए भेजा गया था।
वाणिज्यकर विभाग के एडिशनल कमिश्नर एसआईबी एमके शुक्ला ने बताया कि मसाला कारोबारी एक करोड़ से अधिक आईटीसी क्लेम का दावा किया था। जबकि रिटर्न में टैक्स काफी कम दिखाया था। इसके अलावा मसाला कारोबारी जो माल तैयार करता था उस पर कम टैक्स दिखाता था और अधिक टैक्स पर बेचता था। इसी आधार पर छापा मारा गया। कार्रवाई अभी चल रही है। जांच पूरी होने के बाद ही कुछ स्प्ष्ट हो सकेगा कि कारोबारी कितना टैक्स छुपाता था। टीम में ज्वाइंट कमिश्नर एसआईबी अनिल कुमार, दीनानाथ, बीआर सिंह आदि शामिल थे।