शहरी क्षेत्र के डार्क जोन में जाने की वजह नदी आधारित सरकारी पेयजल योजनाओं का फेल होना है। बीते एक दशक में 500 करोड़ से अधिक बजट से गंगा आधारित पेयजल योजना को मूर्तरूप दिया गया लेकिन भ्रष्टाचार के कारण वह अब तक पूर्ण नहीं हुआ।
लिहाजा, 20 लाख की शहरी आबादी के साथ ही कल-कारखानों की जरूरतों को पूरा करने के लिए भूगर्भ जल का अतिदोहन ही किया जा रहा है। वहीं, दूषित पेयजल आपूर्ति के कारण पानी के अवैध कारोबार को बढ़ावा मिला है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी नहरों के अभाव के कारण भूगर्भ जल से ही सिंचाई हो रही है तो वहीं कुंड व तालाब पाटे जाने से जल संरक्षण की दिशा में कुठाराघात हुआ है।
भूगर्भ जल विभाग के रिटायर्ड अधिकारी आरपी सिंह ने बताया कि वर्षा के बाद पानी सबसे ऊपर होता है। वर्षा शुरू होने से पहले जलस्तर नीचे चला जाता है। पहले तालाब पोखरे काफी होते थे। इनको पाटने से रिचार्जिंग कम हुई है। सामान्य बारिश पर पर्याप्त पानी मिल जाता है। शहरी क्षेत्र में जलस्तर नीचे जाने की वजह नदी आधारित सरकारी पेयजल योजनाओं का फेल होना है।
ग्रामीण क्षेत्रों में भी नहरों के अभाव के कारण भूगर्भीय जल से ही सिंचाई हो रही है। गंगा आधारित पेयजल योजना को मूर्तरूप दिया जा रहा है। कुछ काम हुआ है जबकि कई कार्य बाकी हैं। लिहाजा, 20 लाख की शहरी आबादी के साथ ही कल-कारखानों की जरूरतों को पूरा करने के लिए भूगर्भीय जल का अतिदोहन ही किया जा रहा है। वहीं, दूषित पेयजल आपूर्ति के कारण पानी के अवैध कारोबार को बढ़ावा मिला है।
जल संरक्षण की दिशा में कई कदम उठाए गए
सीडीओ अभिषेक गोयल ने कहा कि जल संरक्षण की दिशा में कई कदम उठाए गए हैं। मनरेगा से सभी ब्लाकों में पोखरे और तालाबों की खोदाई कराई गई है। इसके अलावा कुछ सरकारी भवनों पर रेन वाटर हार्वेस्टिंग लगाई गई है। जहां नहीं लगे हैं वहां रेन वाटर हार्वेस्टिंग लगाई जाएगी।
जल संरक्षण (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : अमर उजाला
- हरहुआ ब्लाक - मानसून पूर्व 15.97, मानसून बाद 14.80
- काशी विद्यापीठ ब्लाक - मानसून पूर्व 12.82, मानसून बाद 07.79
- पिंडरा ब्लाक - मानसून पूर्व 16.49, मानसून बाद 13.29
- सेवापुरी ब्लाक - मानसून पूर्व 13.11, मानसून बाद 07.23
- आराजीलाइन ब्लाक - मानसून पूर्व 15.42, मानसून बाद 10.79
- बड़ागांव ब्लाक - मानसून पूर्व 11.25, मानसून बाद 08.06
- चिरईगांव ब्लाक - मानसून पूर्व 13 .28, मानसून बाद 07.45
- चोलापुर ब्लाक - मानसून पूर्व 09.00, मानसून बाद 06.00
- गोदौलिया - मानसून पूर्व 18.01, मानसून बाद 17.19
- लंका - मानसून पूर्व 17.17, मानसून बाद 16.80
- कचहरी - मानसून पूर्व 16.97, मानसून बाद 15.70
- सारनाथ - मानसून पूर्व 15.90, मानसून बाद 14.86
- 95 प्रतिशत -भू-जल से पेयजल कार्य
- 80 प्रतिशत -भू-जल से सिंचाई कार्य
- 85 प्रतिशत -भू-जल से औद्योगिक कार्य