मौके पर पहुंची पुलिस ने बंधक बने लोगों को मुक्त करवाया और थाने लाकर समझौता कराने में जुट गई, लेकिन मामला बन नहीं सका। इसके बाद पंचायत शुरू हुई। वर पक्ष से एक लाख 10 हजार रुपये व तिलक का सामान वापस करने की मांग की गई।
वरपक्ष द्वारा 30 हजार रुपये नगद देकर 80 हजार रुपये व तिलक का सामान देने के लिए मौका मांगा गया। पंचायत द्वारा यह भी तय किया गया कि जो भी जेवरात व कपड़ा वरपक्ष लाया था, वह कन्या पक्ष के पास रहेगा। वैचारिक विवाद के कारण शादी नहीं हो सकी।
150 किमी दूर से बारात लेकर आया दूल्हा बिना दुल्हन के ही वापस चला गया। तागपाट व पुरानी चुनरी के चलते विवाह न होना लोगों में चर्चा का विषय बना हुआ है। प्रभारी निरीक्षक प्रणय प्रसून श्रीवास्तव ने बताया कि दोनों पक्षों मे वैचारिक सहमति न बन पाने के कारण शादी नहीं हो पाई। लोग समझौता करके अपने-अपने खर्च का हिसाब करके चले गए।