आशंकावश थरमस खोलकर चेक किया गया तो पेट्रोल देख वहां मौजूद हर किसी के होश उड़ गए। पता चला कि उसकी योजना आत्मदाह करने की थी। तत्काल मामले की जानकारी पुलिस को देने के साथ ही डीएम को दी गई। पुलिस ने थरमस को अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद डीएम चर्चित गौड़ ने फरियाद को बुलाकर काफी समझाया, कार्रवाई का भरोसा दिया।
एसडीएम कलेक्ट्रेट भी देर तक समझाते रहे। जानकारी पाकर पहुंचे सीओ सिटी रणधीर मिश्रा ने भी कार्रवाई का भरोसा दिया। शिकायतकर्ता के सामने प्रभारी निरीक्षक करमा से बात की। कहा कि वह करमा थाने जाकर प्रार्थना पत्र दे तत्काल प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।
प्रधान सहित 17 का शांति भंग में हो चुका है चालान
प्रकरण अंबेडकर जयंती (14 अप्रैल) से जुड़ा है। चारागाह (सरकारी जमीन) की जमीन पर चबूतरा बनाकर आंबेडकर की मूर्ति स्थापित करने की तैयारी थी। चारागाह के सामने रह रहे ग्रामीणों ने विरोध किया। बगैर अनुमति मूर्ति स्थापित करने की कोशिश और तनाव को देखते हुए पुलिस ने प्रधान सहित 17 का शांति भंग की आशंका में चालान कर दिया।
इसके बाद नरेंद्र ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया। दूसरे पक्ष ने उस पर आपत्ति जताई। पुलिस ने उनका भी शांति भंग की आशंका में चालान कर दिया। दूसरे पक्ष की तरफ से जातिसूचक शब्दों के प्रयोग का आरोप लगाते हुए कार्रवाई के लिए तहरीर पुलिस को सौंपी गई। नरेंद्र ने भी मारपीट का आरोप लगाया। 23 अप्रैल को कलेक्ट्रेट पहुंचकर कार्रवाई की मांग की। बुधवार को फिर से प्रार्थना पत्र लेकर पहुंचे।
आरोप लगाया कि मंगलवार को उनकी हत्या का प्रयास किया गया। प्रार्थना पत्र में आत्मदाह या अल्टीमेटम जैसी कोई बात नहीं लिखी थी इसलिए मौजूद लोगों ने सामान्य मामला समझा। जब थरमस से पेट्रोल की गंध आई तो सभी के होश उड़ गए। सीओ सिटी रणधीर मिश्रा ने बताया कि शिकायतकर्ता को समझा-बुझाकर भेज दिया गया है।