अयोध्या के एसडीएम ने इसे सत्यापित किया कि खरीदी गई जमीन नजूल की थी। इसी साफ पता चलता है कि इसका खरीद फरोख्त अवैध रूप से किया गया था। जमीन को बेचने वाले महंत मुरली दास हैं, जो बाबा पूरन दास के चेले हैं और खरीदने वाले चंपत राय हैं, जिसमें मिथिलेश्वर नामक शख्स को गवाह बनाया गया है।
कहा कि जिस तरह से अयोध्या में चंदे में बंदरबाट की गई है, उसका आंकड़ा 200 करोड़ के पार है। राज्यसभा सांसद ने बोला कि रोज 15 से 20 लाख रुपये की चोरी होती थी। अब केवल विपक्ष ही नहीं, बल्कि भाजपा और राम मंदिर से जुड़े कुछ लोग भी सवाल उठा रहे हैं।
कहा कि आखिर ऐसी क्या मजबूरी है कि चंपत राय के खिलाफ अब तक कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने पेपर लीक मामलों पर कहा कि अब परीक्षा प्रश्नपत्रों की सुरक्षा के लिए वायुसेना की मदद लेने की बात कही जा रही है, जो हास्यास्पद प्रतीत होती है। उन्होंने कहा कि भारतीय वायुसेना का कार्य देश की सुरक्षा और दुश्मनों से मुकाबला करना है, न कि परीक्षा प्रश्नपत्रों की निगरानी करना।