वाराणसी। जिले के किसानों को पहली बार औद्यानिक नर्सरी के लिए भी अनुदान मिलेगा। नमामि गंगे के तहत किसान करीब चार बीघा में आम, अमरूद, नींबू सहित फल फूल के पौध तैयार कर आय का नया साधन तैयार कर सकेंगे।
बीते कई साल से उद्यान विभाग की ओर से बागवानी मिशन, फलपट्टी, बाड़बंदी सहित कई अलग अलग योजनाओं के तहत किसानों को अनुदान दिया जा रहा। पहली बार नमामि गंगे के तहत किसानों को गंगा किनारे औद्यानिक नर्सरी के लिए भी अनुदान मिलेगा। जिला उद्यान अधिकारी सुभाष यादव ने बताया कि अभी तक नर्सरी के लिए किसानों को कोई अनुदान नहीं था। इस वर्ष पहली बार करीब चार बीघा में एक उद्यान नर्सरी के निर्माण की योजना है। 15 लाख रुपये तक की लागत से तैयार होने वाली उद्यान नर्सरी में ग्रीन शेड, नेट शेट, पाली हाउस, सिंचाई के लिए पंप सहित कई सुविधाएं होगी। इसमें साढ़े सात लाख रुपये तक विभाग की ओर से किसान को अनुदान मिलेगा। गंगा किनारे से 10 किलोमीटर के क्षेत्र के इच्छुक किसान कचहरी स्थित उद्यान विभाग में आकर जानकारी ले सकते हैं।
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बाड़बंदी के लिए भी मिलेगा अनुदान
उद्यान अधिकारी ने बताया कि फलपट्टी योजना के तहत गंगा किनारे के किसानों को आम, अमरूद, बेर, नींबू, केला सहित अन्य फल फूल के नए बाग लगाने और उसके बाड़ बंदी के लिए प्रतिमाह तीन हजार रुपये तीन साल तक दिया जाएगा। बाग में जब तक पौधे जीवित होंगे किसान को अनुदान का लाभ भी मिलेगा। इसके बाडबंदी से किसानों के बाग भी सुरक्षित होंगे। नए उद्यान और बाड़बंदी के लिए 150 हेक्टेयर का लक्ष्य है। गंगा किनारे 10 किलो मीटर के क्षेत्र में रहने वाला कोई भी किसान योजनाओं के लिए आवेदन कर सकते है।