शिव की नगरी काशी में उनके आराध्य श्रीराम के विवाह उत्सव का उल्लास आज से आरंभ हो जाएगा। शहर के राममंदिरों में विवाह पंचमी के अनुष्ठान होंगे। मटकोर के साथ ही श्रीराम बरात और रामकलेवा में काशीवासी भी शामिल होंगे। विवाह महोत्सव में काशीवासी ही घराती और बराती दोनों की भूमिका में रहेंगे।
अस्सी स्थित श्रीरामजानकी मठ ट्रस्ट में तीन दिवसीय श्रीसीताराम विवाह महोत्सव पांच दिसंबर की शाम मटकोर से आरंभ होगा। पंजाबी महाराज की प्रेरणा से शुरू हुए महोत्सव के सभी अनुष्ठान महामंडलेश्वर राजकुमार दास के संरक्षण में होंगे। छह दिसंबर को अपराह्न तीन बजे से श्रीराम बरात शोभायात्रा निकलेगी।
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मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि छह दिसंबर को विवाह पंचमी मनाई जाएगी। इस दिन भगवान राम और माता सीता का विवाह हुआ था, इसलिए इसे श्री राम विवाह उत्सव भी कहा जाता है। मान्यता है कि माता सीता का स्वयंवर भी इसी दिन हुआ था।