मां दुर्गा की प्रतिमा का विसर्जन
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मऊ जिले में शारदीय नवरात्र के समापन पर मंगलवार की रात मऊ नगर में आस्था और विश्वास का अनूठा सैलाब देखने को मिला। दुर्गा पूजा महासमिति के नेतृत्व में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मां दुर्गा की प्रतिमाओं का भव्य विसर्जन जुलूस निकाला गया। दर्शन के लिए पूरी रात श्रद्धालु सड़कों पर डटे रहे और नम आंखों के साथ मां को विदाई दी। बुधवार की सुबह 58 प्रतिमाओं का विसर्जन समितियों के सदस्यों ने किया।
परंपरा के अनुसार विजयादशमी के पावन अवसर पर पूजा स्थलों से प्रतिमाओं को हटाकर फूल-मालाओं से सुसज्जित रथों पर विराजमान किया गया। इसके बाद प्रतिमाओं का यह काफिला शीतला माता धाम पहुंचा। वहां रावण वध लीला के उपरांत पहुंचे भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण और वानर सेना ने मां दुर्गा की प्रतिमाओं के दर्शन किए।
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इसके पश्चात ही जुलूस को अंतिम विसर्जन के लिए आगे रवाना किया गया। जिसके बाद नगर के बाईपास रोडवेज, मिर्जाहादीपुरा, औरंगाबाद, बल्लीपुरा, संस्कृत पाठशाला, राजपुताना, घास बाजार, गोला बाजार, सदर चौक, रौजा बाजार, सिंधी कॉलोनी, बाल निकेतन मोड़, अंधा मोड़ होते हुए भीटी स्थित तमसा तट पर विसर्जन घाट पर प्रतिमाएं पहुंची। विसर्जन घाट पर वैदिक मंत्रोच्चार और गगनभेदी जयकारों के बीच एक-एक कर कुल 58 प्रतिमाओं को विसर्जित किया गया। इस दौरान वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया।
सुरक्षा में तैनात रही आरआरएफ और पुलिस
मां दुर्गा पूजा विसर्जन जुलूस में मंगलवार से लेकर बुधवार की सुबह तक सुरक्षा के मद्देनजर पुलिसकर्मी और आरआरएफ पूरे रास्ते चक्रमण पर रही। इस दौरान पुलिस अधीक्षक सर्वेश कुमार मिश्रा, एएसपी अनूप कुमार भी शहर के विभिन्न स्थानों का निरीक्षण किए और पुलिसकर्मियों का मनोबल बढ़ाया।