लालपुर के डॉ. भीमराव आंबेडकर स्टेडियम के फटे सिंथेटिक ट्रैक का मरम्मत कार्य चल रहा है। इससे एथलेटिक्स की स्पर्धाओं की तैयारी फिलहाल रोक दी गई है। ट्रैक के जीर्णोद्धार के बाद खिलाड़ियों को अभ्यास की अनुमति दी जाएगी। कार्यदायी संस्था यूपीपीसीएल ने इसकी मरमत्त का कार्य शुरू कर दी है। सबसे पहले डी एरिया के ट्रैक को हटाकर ठीक किया जा रहा है। जुलाई 2022 में करीब सात करोड़ की लागत से आठ लेन का सिंथेटिक ट्रैक बनकर तैयार हुआ था। निर्माण के चार साल बाद भी इसका हस्तांतरण नहीं हुआ है। निर्माण के छह माह में ही ट्रैक जगह जगह से उखड़ने लगे थे। इसके बाद खेल विभाग ने कार्यदायी संस्था को पत्र लिखकर इसे ठीक कराने को कहा था। लालपुर स्टेडियम के आठ लेन का सिंथेटिक ट्रैक का उद्घाटन जुलाई 2022 में प्रधानमंत्री ने किया था। इसके बाद एथलेटिक्स के खिलाड़ियों ने इसपर अभ्यास शुरू कर दिया था।
सीएसआर पंजीकृत खिलाड़ी ही सुब्रतो कप के लिए कर सकेंगे ऑनलाइन आवेदन
भारतीय वायु सेना की ओर से खेली जाने वाली सुब्रतो कप अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल प्रतियोगिता 65वें संस्करण में खेलने के लिए खिलाड़ियों का ऑनलाइन पंजीकरण अनिवार्य है। विद्यालयों को व्यक्तिगत रूप से आनलाइन पोर्टल के माध्यम से सोसाइटी की वेबसाइट पर प्रवेश शुल्क 2000 रुपये ऑनलाइन देकर पंजीकरण कराना हेागा। राष्ट्रीय चरण में खेलने के लिए खिलाड़ियों के पास सीएसआर पंजीकरण होना चाहिए।
यह अखिल भारतीय फुटबॉल फेडरेशन (एआईएफएफ) की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है। सीएसआर पंजीकरण के बिना कोई भी खिलाड़ी राष्ट्रीय चरण में नहीं खेल पाएगा। इसमें पहले आओ पहले पाओं के आधार पर चयन होता है। खिलाड़ी 15 जुलाई तक आवेदन करेंगे जबकि टीम की सूची 31 जुलाई तक प्रधानाचार्य भेजेंगे। सुब्रतो कप फुटबॉल टूर्नामेंट हर साल एयर फोर्स स्पोर्ट्स कंट्रोल बोर्ड की ओर से सुब्रतो मुखर्जी स्पोर्टस् एजुकेशन सोसाइटी द्वारा कराई जाती है। फुटबॉल कोच अमित ने बताया कि इस टूर्नामेंट में भारत के अलग-अलग राज्यों केंद्र शासित प्रदेश और संस्थानों की टीमें सब जूनियर, जूनियर और सीनियर वर्ग में खेलेंगी। सुब्रतो कप का 65वां संस्करण 18 अगस्त से 25 सितंबर तक खेली जाएगी।
यूपी खेल निदेशालय ने वाराणसी में 12 खेलों के 13 अंशकालिक कोच की भले नियुक्ति कर दी गई है लेकिन पिछले एक साल से खेल विभाग को ना तो मुक्केबाजी कोच मिला ना ही टेबल टेनिस का कोई कोच उपलब्ध हुआ। इस वजह से विभिन्न खेलों के खिलाड़ी निजी एकेडमियों का रुख कर रहे हैं।
सिगरा स्टेडियम से कई राष्ट्रीय मुक्केबाजी और टेबल टेनिस खिलाड़ी निकले हैं, लेकिन पिछले दो साल से टेबल टेनिस और करीब आठ महीने से मुक्केबाजी कोच नहीं मिला है। गत वर्ष मुक्केबाजी कोच दीपिका तिवारी के इस्तीफे के बाद यहां मुक्केबाजी का कोच नहीं आया है।
कोच नहीं होने की वजह से खिलाड़ियों को निजी एकेडमियों की ओर से रुख करना पड़ रहा है। मुक्केबाजी खिलाड़ी शिवम सिंह, अदिति साहू, विनोद पटेल ने बताया कि गत वर्ष तक सिगरा में अभ्यास किया अब सारनाथ अभ्यास करने जाना पड़ता है। टेनिस खिलाड़ी मानसी और साक्षी ने बताया कि उन्होंने ककरमत्ता स्थित एकेडमी में अभ्यास करती हैं।
जीर्णोद्धार के बाद सिगरा स्टेडियम में लाखो रुपये खर्च कर मुक्केबाजी रिंग लगाया गया है। इंडोर होने के बावजूद कार्यदायी संस्थान ने मुक्केबाजी रिंग को आउटडोर में खुले आसमान के नीचे रिंग इंस्टाल किया है। यहां रिंग बारिश में भीगता है और कड़कड़ी धूप में सूखता है। इस वजह से रिंग का ऊपरी परत खराब होने लगी है।
सिगरा स्टेडियम के प्रशिक्षक
- कोच खेल
- एथलेटिक्स चंद्रभान यादव
- कबड्डी शिखा सिंह
- कयाकिंग आकांक्षा संजय श्रीवास्तव
- क्रिकेट अमल चतुर्वेदी
- जिमनास्टिक अतुल शाही
- जूडो संतोष कुमार
- तैराकी सत्यम शर्मा
- फुटबॉल अवधेश पटेल
- बास्केटबॉल आशीष दुबे
- बैडमिंटन रोहित सिंह
- हॉकी अंकित गुप्ता
- हॉकी सुधीर कुमार सिंह
- हैंडबॉल अमित पांडेय