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UP Politics: हमारी परंपरा में विजय का अर्थ विनाश नहीं, विश्वास है; राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कही ये बात

Tue, 12 May 2026 04:24 PM IST
Pragati Chand अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि सोमनाथ का इतिहास पराजय नहीं, इतिहास का पुनर्जन्म है। उन्होंने कहा कि जिस राष्ट्र की जड़ें अपनी संस्कृति में गहरी होती हैं, उसकी उड़ान भी उतनी ही ऊंची होती है। आज भारत उसी आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है।
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राज्यपाल आनंदीबेन पटेल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि भारत ने दुनिया को यह नहीं सिखाया कि दूसरों को हराकर कैसे जीता जाए। हमने यह सिखाया कि दिलों को जीतकर कैसे जिया जाए। हमारी परंपरा में विजय का अर्थ विनाश नहीं, विश्वास है। हमारे यहां राम हैं, जो युद्ध के बाद भी मर्यादा की बात करते हैं। बुद्ध हैं, जो करुणा का मार्ग दिखाते हैं। कबीर हैं, जो आदमी को आदमी से जोड़ते हैं और गांधी हैं, जो बताते हैं कि सबसे बड़ी ताकत सत्य और अहिंसा में होती है।

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उन्होंने कहा कि जिस राष्ट्र की जड़ें अपनी संस्कृति में गहरी होती हैं, उसकी उड़ान भी उतनी ही ऊंची होती है। आज भारत उसी आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है। सोमनाथ से लेकर काशी तक, केदारनाथ से लेकर महाकाल तक पूरा देश अपनी आध्यात्मिक धरोहरों को आधुनिक विकास के साथ जोड़ते हुए विश्व के समक्ष एक नए भारत की तस्वीर प्रस्तुत कर रहा है। 

यह नया भारत आत्मगौरव से भरा हुआ भारत है। यह नया भारत अपनी विरासत पर गर्व करने वाला भारत है और यह नया भारत विश्व को यह संदेश दे रहा है कि जो राष्ट्र अपनी संस्कृति को संजोता है, वही भविष्य का नेतृत्व करता है। 
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हमारी सभ्यता की सबसे बड़ी खूबी यह रही है कि उसने शक्ति को कभी अहंकार का हथियार नहीं बनाया। यहां विजय का अर्थ किसी को पराजित करना नहीं, बल्कि जीवन को संतुलित करना रहा है। सोमनाथ का इतिहास पराजय नहीं, इतिहास का पुनर्जन्म है। भारत की आत्मा ने हमेशा मनुष्य को मनुष्य से जोड़ने की बात की है। यही कारण है कि हमारी आस्था की राह हमें घृणा की तरफ नहीं ले जाती, बल्कि करुणा, सह-अस्तित्व और संवाद की ओर ले जाती है। 

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