सचिव डॉ. मनोज वत्स ने बताया कि लायंस क्लब, रोटरी क्लब सहित अन्य संस्थाओं ने भी अपने स्तर से मदद की है। उन्होंने कुलपति से कहा कि विवि के प्रत्येक शिक्षक एक-एक क्षय रोगी को गोद लें। इसी तरह संबद्ध सभी महाविद्यालयों के प्राचार्य की भी यह जिम्मेदारी तय की जाए कि एक क्षय रोगी को गोद लेकर स्वस्थ बनाएं। सभी स्कूलों से भी इसमें सहयोग के लिए डीएम को निर्देशित किया।
कहा कि सिर्फ इस सहयोग मात्र से ही 50 हजार से अधिक बच्चों को क्षय रोग से मुक्त किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि हमारे खून में सेवा भाव है इसीलिए सेवा के लिए लोग आगे आकर कार्य करते हैं। देश के क्षय रोग से ग्रसित मरीजों में से 20 प्रतिशत मरीज सिर्फ उत्तर प्रदेश में हैं। इसीलिए और अधिक मेहनत एवं लगन से कार्य करने की आवश्यकता है। बैठक में डीएम मनीष कुमार वर्मा, एसपी राजकरन नय्यर, सीडीओ अनुपम शुक्ल, सीएमओ डॉ. राकेश कुमार, डॉ. आरके सिंह आदि मौजूद रहे।