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क्षण-क्षण जुटे विद्या, कण-कण धन

Mon, 09 Feb 2015 02:10 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, वाराणसी
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राज्यपाल राम नाईक ने कहा कि विद्यार्थी सिर्फ  किताबी कीड़ा न बनें। किताब के सीमित ज्ञान से बाहर निकलकर अपनी क्षमता को पहचानें और व्यक्तित्व के विकास पर ध्यान दें। विद्यार्थियों को समय और ज्ञान का महत्व समझाते हुए कहा कि क्षण-क्षण से विद्या और कण-कण से धन अर्जित होता है। इसे ध्यान में रखें।
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मेहनत से पढ़ाई कर पारदर्शी प्रतिस्पर्धा को स्वीकार करें ताकि विद्यालयीय शिक्षा से बाहर निकलने के बाद आने वाली चुनौतियों का सामना कर सकें। राज्यपाल रविवार को सनातन धर्म इंटर कालेज के 101वें वार्षिकोत्सव में बतौर मुख्य अतिथि शिक्षकों, छात्रों और अभिभावकों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने शिक्षा के बाजारीकरण पर भी गहरी चिंता जताई।

कहा कि शिक्षा का व्यापार हो रहा है। इससे अमीर और गरीब के बीच खाई पैदा हो रही है। अभिभावकों और छात्रों का शोषण किया जा रहा है। इस पर अंकुश लगाने की जरूरत है। छात्रों को संकल्प दिलाया कि वे अपने व्यक्तित्व, उदार चरित्र लेकर विद्यालय से बाहर निकलेंगे। परिवार के साथ समाज और देश का बेहतर निर्माण के लिए यह जरूरी है। अध्यक्षता करते हुए स्वामी अविमुक्तिेश्वरानंद ने विद्यार्थियों से कहा कि शिक्षा ग्रहण कर भारतीय संस्कृति और सभ्यता को मजबूती प्रदान करें।
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इससे समाज में शांति स्थापित होगी। विशिष्ट अतिथि एमएलसी केदार नाथ सिंह थे। जेडी डॉ. पीके सिंह ने अतिथियों का स्वागत किया। संचालन विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. हरेंद्र कुमार राय ने किया। इससे पहले मुख्य अतिथि ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण किया। शाल एवं स्मृति चिह्न देकर उन्हें सम्मानित किया गया।

बताए जीवन में सफलता के चार सूत्र
 राज्यपाल ने छात्रों को जीवन में सफलता के चार सूत्र भी बताए। कहा कि हमेशा मुस्कराते रहो, अच्छे कार्य के लिए दूसरे का उत्साहवर्धन करते रहो, किसी की अवमानना मत करो तथा आप जो भी काम करते हो वो अधिक से अधिक अच्छा कैसे हो सकता है इसके बारे में सोचते रहो।
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