बनारस में अगले वर्ष होने वाले प्रवासी भारतीय सम्मेलन के दौरान प्रवासियों के स्वागत में सरकार 200 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च करेगी। अलग अलग विभागों के खर्च प्रस्ताव को अनुमोदित कर दिया गया है। जल्द ही इसका बजट जारी हो जाएगा। सम्मेलन में सबसे ज्यादा खर्च लोक निर्माण विभाग की ओर से किया जाएगा।
इसके अलावा स्विस काटेज के निर्माण में जुटे विकास प्राधिकरण को भी करीब 35 करोड़ रुपये खर्च करने हैं। प्रवासी भारतीय सम्मेलन से पहले सभी संबंधित विभाग तैयारी में जुटे हैं। इस समारोह में 190 करोड़ 45 लाख रुपये खर्च को अनुमोदित किया गया है।
सबसे ज्यादा करीब 80 करोड़ रुपये लोक निर्माण विभाग की ओर से खर्च होगा। इसमें शहर की सड़कों के साथ अन्य तैयारी भी शामिल रहेगी। रिंग रोड के किनारे ऐढे़ और दीनदयाल हस्तकला संकुल में बनने वाले स्विज काटेज पर 35 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। यह काम विकास प्राधिकरण करेगा।
यहां बनेगा राजदूतों का प्रवास स्थल
प्रवासी भारतीय सम्मेलन में सूचना विभाग 15 करोड़, मीडिया क्रिएटिव एवं सोशल मीडिया पर ढाई करोड़, पर्यटन विभाग तीन करोड़ 35 लाख, होटल में बुकिंग तीन करोड़, परिवहन विभाग दो करोड़ 98 लाख, अतिविशिष्ट अतिथियों के आवागमन के लिए एक करोड़ 49 लाख, गृह विभाग पांच करोड़ 62 लाख, आईआरसीटीसी चार करोड़ 40 लाख, लोक निर्माण 79 करोड़ 98 लाख, संस्कृति विभाग 50 लाख, सचिवालय 18 लाख, नगर निगम 21 करोड़ 98 लाख, एनआरआई विभाग 10 करोड़ खर्च करेगा।
उधर, ट्रेड फसिलटी सेंटर के पास स्थित लालपुर स्टेडियम में तमाम देशों के राजदूतों का प्रवास स्थल बनेगा। इसके लिए यहां करीब 50 सेफ हाउस बनाए जाएंगे। यहीं पर विदेशी मेहमानों को वाराणसी समेत आसपास के जिलों की सांस्कृतिक, धार्मिक और पुरातात्विक विरासत दिखाने के साथ लोक कलाओं से परिचित कराया जाएगा। इसके साथ-साथ वाराणसी के पर्यटन क्षेत्र से लोगों को जोड़ने के लिए लोगों विशेष टूर पैकेजों का प्रबंध भी किया जाएगा।