विज्ञान व तकनीकी विषयों को बना रहे कमाई का जरिया
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सरकारी चिकित्सकों के बाद अब सरकारी स्कूलों के शिक्षकों पर भी सरकार नकेल कसने की तैयारी में हैं। सरकारी विद्यालयों के शिक्षकों की ओर से कोचिंग का भी संचालन किया जाता है और कोचिंग के लिए छात्रों पर दवाब भी बनाया जाता है। खासकर विज्ञान व तकनीकी विषयों को कमाई का जरिया बना लिया गया है।
सरकारी स्कूलों के शिक्षकों की मनमानी पर लगाम लगाने की तैयारी शासन स्तर पर चल रही है। बलिया जिले में कई सरकारी स्कूलों के शिक्षक अवैध तरीके से कोचिंग का धंधा करते हैं। हालांकि शासन की निगाह से बचने के लिए वह उपाय भी करते हैं। कई शिक्षक शहरी इलाकों में संचालित कोचिंग सेंटरों से तालमेल कर निर्धारित समय में जाकर छात्रों को कोचिंग में पढ़ाते हैं।
इसके अलावा कुछ शिक्षक अपने आवास पर ही सुबह से लेकर देर शाम तक तक कोचिंग का काम करते हैं। हालांकि स्कूल के समय पर कोचिंग को बंद रखते हैं ताकि वह उच्चाधिकारियों की निगाह से बचे रहें। बताया जाता है कि खासकर विज्ञान विषय व तकनीकी शिक्षा से संबंधित विषयों के अलावा अंग्रेजी को लेकर कोचिंग का क्रेज है।
सरकारी स्कूलों के शिक्षक कोचिंग के लिए छात्रों पर दवाब भी बनाते हैं लेकिन भय के मारे छात्र अपनी जुबां नहीं खोलते हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक रमेश सिंह की मानें तो सरकारी शिक्षकों के कोचिंग चलाने व किसी प्राइवेट स्कूल का प्रबंधक आदि बनने पर पहले से ही रोक है।
बताया कि इस बाबत अभी कोई नया निर्देश नहीं मिला है। कहा कि सरकारी शिक्षकों के कोचिंग चलाने व प्राइवेट स्कूलों के प्रबंधक आदि बनने की शिकायत मिलने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।