बेसिक शिक्षा विभाग लाख कोशिश कर ले लेकिन प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में एक जुलाई से किताबों का वितरण मुश्किल है। बच्चों को किताबों के लिए इंतजार करना पड़ सकता है। किताबें तो उन्हें वक्त से नहीं मिल पाएंगी, यूनिफार्म के वितरण पर भी संशय है।
प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक विद्यालयों का सत्र यूं तो अप्रैल से शुरू हो चुका है, लेकिन ग्रीष्मावकाश के बाद एक जुलाई से स्कूल खुल रहे हैं। शिक्षा की गुणवत्ता के लिए ये भी जरूरी है कि स्कूलों में वक्त से पढ़ाई शुरू हो।
इसके लिए पाठ्यपुस्तकों का वक्त से वितरण भी जरूरी है। अप्रैल में जब सत्र शुरू हुआ था उस वक्त बच्चों को पुरानी पुस्तकें ही वितरित कर दी गई थी। उधर प्रदेश सरकार का पूरा जोर है कि एक जुलाई से इन विद्यालयों में किताबों और यूनिफार्म का वितरण शुरू हो जाए।
स्कूल खुलने में अब सिर्फ दो दिन का वक्त रह गया है लेकिन अब तक विभाग की ओर से किताबें ही नहीं आ पाईं हैं। कक्षा एक से आठ तक में से एक कक्षा छह की तीन किताबें अभी रांची से चली हैं। अन्य कक्षाओं की किताबों का कोई पता नहीं है।
ऐसे में जाहिर है तय वक्त तक बच्चों के हाथों में किताबें नहीं पहुंच पाएंगी। हालांकि विभाग का पूरा दावा है कि स्कूलों में एक जुलाई से यूनिफार्म और पाठ्य पुस्तकों का वितरण शुरू करा दिया जाएगा।
बीएसए जयकरन यादव का कहना है कि 15 जुलाई तक सभी स्कूलों में यूनिफार्म और किताबें वितरित कर दी जाएंगी।