वाराणसी। विश्वविद्यालय और उससे संबद्ध कॉलेजों में शोध, नैक मूल्यांकन, शैक्षणिक कैलेंडर के पालन, कौशल विकास आदि के माध्यम से तस्वीर बदलने की कवायद चल रही है। इसको लेकर राजभवन में शुक्रवार को कुलपतियों की बैठक बुलाई गई है। इसमें शैक्षणिक गतिविधियों के साथ ही पर्यावरण संरक्षण, कौशल विकास और रोजगार पर मंथन के साथ ही इससे अधिक से अधिक छात्रों को जोड़ने पर मंथन किया जाएगा। बैठक के लिए काशी विद्यापीठ, संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति लखनऊ रवाना हो गए।
विश्वविद्यालयों में समय से प्रवेश, परीक्षा और परिणाम जारी हो और सत्र नियमित हो सके, इसके लिए राजभवन की ओर से समय-समय पर दिशा निर्देश दिए जाते हैं लेकिन इसका पालन नहीं हो पाता है। शैक्षणिक कैलेंडर का पालन हो, समय से शोध प्रवेश परीक्षा हो, पारदर्शिता बनी रहे, स्टार्ट अप से छात्रों को जोड़े जाने, कौशल विकास और रोजगार के लिए प्रशिक्षण दिए जाने की योजना बनाई गई है।
बैठक के अहम बिंदू
विश्वविद्यालयों में नए सत्र में प्रवेश लेने वालों के लिए प्रवेश उत्सव मनाया जाएगा
शैक्षणिक कैलेंडर का पालन कराया जाना
इंटीग्रेटेड यूनिवर्सिटी मैनेजमेंट सिस्टम को लागू किया जाय
शोध कार्य में साहित्यिक चोरी रोकने के लिए साफ्टवेयर का प्रयोग
स्टार्ट अप इंडिया से छात्रों को जोड़ा जाए
नैक मूल्यांकन की हर दो-तीन महीने में समीक्षा
विश्वविद्यालयों में पर्यावरण संरक्षण पर विशेष जोर दिया जाए