समिति के अध्यक्ष विनोद यादव गप्पू, महामंत्री जयप्रकाश यादव, उपाध्यक्ष अजय यादव ने मार्ग में शोभायात्रा में शामिल लोगों का केसरिया पगड़ी बांधकर स्वागत किया। शोभायात्रा लहुराबीर, कबीर चौरा, मैदागिन, मछोदरी, मुकीमगंज, भैंसासुर होते हुए शाम को नमो घाट पहुंची। यहां बने विशाल मंच पर गोवर्धन पूजा के साथ सभा हुई। मुख्य अतिथि शिवपाल सिंह यादव और दिल्ली विश्वविद्यालय के उपाध्यक्ष राहुल झांसला रहे। स्वागत ट्रस्ट बोर्ड अध्यक्ष गोपाल यादव, समिति के अध्यक्ष विनोद यादव गप्पू एवं संचालन जयप्रकाश यादव ने किया।
काशी की परंपरा बन गई गोवर्धन पूजा: शिवपाल
शिवपाल सिंह यादव ने बताया कि 5000 वर्ष पुरानी गोवर्धन पूजा की काशी की परंपरा का हिस्सा बन गई है। समिति की मांग पर गोवर्धन धाम का सुंदरीकरण कराया गया। गोवर्धन पूजा दबे-कुचले, पिछड़े, दलितों, महिलाओं, बच्चों के सम्मान का प्रतीक है।
10 लोगों को गोवर्धन सम्मान
शिवपाल यादव ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य के लिए यादव समाज के 10 लोगों को गोवर्धनश्री सम्मान से नवाजा। इनमें डॉ. जयसिंह, डॉ. संतोष यादव, रामलोचन यादव, एडवोकेट महेंद्र यादव, डॉ. अल्पना यादव, रवींद्र यादव, रोहित यादव, डॉ. ज्ञानेंद्र यादव ज्ञानू, विजय यादव, मोहित सेन शामिल रहे। अलख नाथ सामाजिक प्रतीक सम्मान भोला यादव को दिया गया।
गली-मोहल्लों में हुई पूजा
कार्तिक मास शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि पर गोवर्धन पूजा मनाई गई। गली-मोहल्लों में महिलाओं ने गोबर से गोवर्धन पर्वत, भगवान श्रीकृष्ण और गाय का प्रतीक बनाकर परंपरानुसार पूजा की। दिवाली के बाद आने वाले इस पर्व को मान्यतानुसार भगवान श्रीकृष्ण द्वारा इंद्रदेव का घमंड तोड़ने और ब्रजवासियों को बचाने के लिए गोवर्धन पर्वत को अपनी अंगुली पर उठाने की याद में मनाया जाता है। यह प्रकृति से जुड़ा एक महत्वपूर्ण पर्व है।