वाराणसी से सटे हरदत्तपुर रेलवे स्टेशन के आउटर पर मालगाड़ी के चार डिब्बे उतरने के बाद रेल महकमे में खलबली मची रही। रेलकर्मियों में चर्चा रही कि धीमी रफ्तार से जा रही मालगाड़ी की जगह अगर तेज रफ्तार सवारी गाड़ी यहां से गुजरती तो बड़ा हादसा हो सकता था।
शनिवार की शाम हरदत्तपुर स्टेशन से 10-15 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चली मालगाड़ी करीब 100 मीटर आगे जाते ही डिरेल हो गई और चार डिब्बे पटरी से उतर गए। कुछ रेलकर्मियों का कहना था कि ट्रैक की डबलिंग को लेकर यहां काम चल रहा था। संभवत: इसी वजह से यह घटना हुई।
मंडुवाडीह-इलाहाबाद रेल खंड पर मालगाड़ी के डिरेलमेंट के मसले पर देर रात तक अधिकारी कुछ भी कहने से बचते रहे। हालांकि दबी जुबां ट्रैक के मेंटीनेंस की कमी जैसे कारणों की चर्चा होती रही।
रेलकर्मी इस बात को लेकर भी चिंतित नजर आए कि अगर कोई मेल या एक्सप्रेस ट्रेन तेज रफ्तार से गुजरती तो घटना बड़ी हो सकती थी। मालगाड़ी डिरेलमेंट होने की वजह से हरदत्तपुर के समीप स्थित गेट नंबर आठ-सी रेलवे क्रॉसिंग दो घंटे बंद रही।
इस वजह से जगतपुर-पंडितपुर बाईपास दो घंटे तक ठप रहा। मालगाड़ी की डिरेल हुई बोगियों को छोड़कर अन्य वैगन को हटाया गया तब जाकर यह मार्ग सामान्य हो सका।
बदले मार्ग से चलीं ट्रेनें-
- पटना-सिकंदराबाद एक्सप्रेस वाराणसी-जंघई-इलाहाबाद जंक्शन के रास्ते चलाई गई
- विभूति एक्सप्रेस इलाहाबाद-मुगलसराय होकर गुजरी
- शिवगंगा एक्सप्रेस, मंडुवाडीह-नई दिल्ली सुपरफास्ट एक्सप्रेस, रक्सौल लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस, कोल्हापुर धनबाद एक्सप्रेस, चौरीचौरा एक्सप्रेस, बुंदेलखड एक्सप्रेस, अहमदाबाद-दरभंगा एक्सप्रेस, गोरखपुर पुणे एक्सप्रेस को वाराणसी-इलाहाबाद के रास्ते चलाया गया