वाराणसी। मुकद्दस रमजान में अलविदा जुमा की नमाज शुक्रवार को होगी। शहर के आलिम-ए-दीन ने इसका ऐलान किया है। वे इसे ही अलविदा जुमा की नमाज मान रहे हैं। हालांकि, कुछ का कहना है कि अगर ईद का चांद 29 रमजान के बजाय 30 को होता है, तो अगले शुक्रवार को भी अलविदा जुमा की नमाज अदा की जाएगी। कुछ मस्जिदों में दो शिफ्ट में नमाज होगी।
रमजान में चौथे जुमा की नमाज शुक्रवार को अदा की जाएगी। हालांकि ईद का चांद 29 या 30 तारीख को दिखने पर ही अगली जुमा की नमाज होगी। वैसे रमजान का आखिरी जुमा ही अलविदा जुमा माना जाता है। मुफ्ती ए बनारस अब्दुल बातिन नोमानी ने बताया कि रमजान के आखिरी जुमा को अलविदा की नमाज अदा होती है। इस बार पांचवां जुमा 20 मार्च को, यानी 30वें रोजे को है। यदि 19 को 29वें रोजे पर चांद दिखा है, तो 20 मार्च को ईद होगी। ऐसे में एहतियातन इस शुक्रवार की नमाज को ही अलविदा माना जाएगा।
मौलाना मुफ्ती शमीम अहमद और इमाम मौ. शकील अहमद भी इसे ही अलविदा नमाज मान रहे हैं। मौलाना हारुन रशीद नक्शबंदी ने बताया कि अगर अगले जुमा को भी मौका मिलता है, तो उसे भी अलविदा जुमा मानकर नमाज अदा की जाएगी। मौलाना हसीन अहमद हबीबी और शिया समाज के मौलाना जायर हसन भी दो दिन अलविदा जुमा की नमाज पढ़ने पर सहमत हैं।
इबादतगाहों में विशेष तैयारियां
अलविदा नमाज पर इबादतगाहों में काफी भीड़ होने की संभावना है। इसे लेकर विशेष तैयारियां की गई हैं। मस्जिदों में टोपी, चटाई और पानी की पूरी व्यवस्था की गई है। मस्जिदों और आसपास सफाई की गई है। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है। लाट सरैया स्थित लाट मस्जिद, नदेसर जामा मस्जिद, लंगड़े हाफिज मस्जिद नई सड़क में खास भीड़ होगी।
ईद की खरीदारी से बाजार में रौनक
ईद में चंद दिन बचे हैं। अब खरीदारी तेज हो गई है। आसपास जिलों से लोग भी ईद की खरीदारी के लिए आ रहे हैं। दिन में बाहर के लोग दालमंडी में पहुंच रहे हैं, जबकि स्थानीय लोग रोजा इफ्तार के बाद रेडिमेड कपड़े ही ले रहे हैं। ऑनलाइन खरीदारी भी बढ़ी है।