सरकार ने नयनादेवी में पांच मेगावाट का सौर ऊर्जा पार्क बनाने की घोषणा की थी।
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तापीय विद्युत उत्पादन में देश में सबसे सस्ती बिजली उपलब्ध कराने वाले एनटीपीसी की तरफ से सौर ऊर्जा के क्षेत्र में भी सबसे सस्ती बिजली उपलब्ध कराने की पहल तेज हो गई है। इस कड़ी में कदम बढ़ाते हुए एनटीपीसी ने आंध्रप्रदेश स्थित एनटीपीसी के 250 मेगावाट वाले कोडप्पा सोलर पार्क से उत्पादित बिजली को महज 3.15 रुपये प्रति यूनिट की दर से ग्रिड को उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है।
इसको लेकर केंद्र सरकार से करार भी हो गया है। इससे पहले मध्यप्रदेश के रीवां स्थित अल्ट्रा मेगा सोलर पावर प्रोजेक्ट से 3.30 रुपये बिजली देने का करार हुआ था। आगे चलकर शक्तिनगर के खड़िया में भी पूरी तरह से ऐश डैम पर स्थापित होने वाले देश के पहले सोलर पावर प्रोजेक्ट से इससे भी कम टैरिफ पर बिजली उपलब्ध होने की उम्मीद जताई जा रही है।
केद्र सरकार की तरफ से सौर और पवन ऊर्जा के उत्पादन में दिलचस्पी दिखाए जाने के बाद, इससे सस्ती बिजली उत्पादन की जहां कवायद तेज हो गई है। वहीं तापीय बिजली परियोजनाओं पर सस्ती बिजली उत्पादन का अत्यधिक दबाव बढ़ गया है।
इस बात को एनटीपीसी रिहंद के सहायक महाप्रबंधक जनसंपर्क मिथिलेश श्रीवास्तव भी स्वीकारते हैँ। बताया कि केंद्र सरकार ने दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के तहत एक मई 2018 से पहले देश के हर घर तक बिजली पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
इसी कड़ी में रिहंद परियोजना सहित एनटीपीसी की कुल स्थापित क्षमता में बढ़ोत्तरी की कवायद के साथ सस्ते दर पर कम बिजली उपलब्ध कराने का प्रयास जारी है। इससे जहां पर्यावरण संरक्षण में मदद मिलेगी।
वहीं घर-घर निर्बाध आपूर्ति के लक्ष्य में भी यह पहल सहायक सिद्ध होगी। बता दें कि कई तापीय परियोजनाएं पांच से छह रुपये प्रति यूनिट लागत से उत्पादन कर रही है। ऐसे में इससे काफी कम लागत पर सौर ऊर्जा उत्पादन, ऐसी परियोजनाओं के लिए बड़ी चुनौती बनने लगा है।