वाराणसी। राजघाट से एक एक्सयूवी से राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) की वाराणसी इकाई ने दो लोगों को सोने की तीन ईंट के साथ गिरफ्तार किया है। बरामद ईंटों की कीमत 1.31 करोड़ रुपये बताई गई है। माना जा रहा है कि धनतेरस और दिवाली के मद्देनजर सोने की ईंटें शहर लाई जा रही थी। आशंका यह भी जताई गई है कि इस काम में कुछ सोना कारोबारियों की भी मिलीभगत हो सकती है।
डीआरआई की टीम को खुफिया सूचना मिली थी कि विदेश निर्मित सोने की ईंट बांग्लादेश से हावड़ा (कोलकाता) होते हुए वाराणसी लाई जा रही है। सूचना के आधार पर डीआरआई की टीम सक्रिय हुई और राजघाट में एक एक्सयूवी की सीट के नीचे से सोने की तीन ईंटें बरामद की गई। डीआरआई के अधिकारियों ने बताया कि सोने की ईंट के साथ गिरफ्तार हुए दोनों लोग वाराणसी के ही रहने वाले हैं और उन्हें अदालत में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। पूछताछ में दोनों से मिली जानकारी के आधार पर उनके गिरोह से जुड़े अन्य लोगों के बारे में पता लगाया जा रहा है।
मणिपुर और मिजोरम होते हुए पहुंचता है तस्करी का सोना
म्यांमार की खुली सीमा देश में सोने की तस्करी का एक बड़ा रास्ता है। भारत की लगभग 1,643 किलोमीटर लंबी सीमा म्यांमार से लगी है। तस्कर जंगलों और पहाड़ों से होते हुए सोने के साथ पहले मणिपुर और मिजोरम पहुंचते हैं। फिर वहां से तस्करी के सोने को सड़क और रेल मार्ग से कोलकाता, मुंबई और दिल्ली सहित अन्य शहरों में पहुंचाया जाता है। इसके लिए कमीशन के आधार पर एजेंटों को लगाया जाता है, ताकि किसी के गिरफ्तार होने की स्थिति में भी गिरोह के दूसरे सदस्यों के बारे में पता न चल सके। लगभग एक करोड़ रुपये के सोने की एक बार में डिलिवरी करने वाले एक एजेंट को 20 से 25 हजार रुपये दिए जाते हैं। वहीं, म्यांमार के अलावा बांग्लादेश, श्रीलंका, नेपाल, भूटान और खाड़ी देशों के रास्ते भी बड़ी मात्रा में तस्करी का सोना देश में लाया जाता है।
ज्यादा आयात शुल्क बना सोने की तस्करी की वजह
देश में सोने की तस्करी का मुख्य कारण बहुत ज्यादा आयात शुल्क है। साथ ही यह भी माना जाता है कि विदेशों से आने वाला प्रीमियम क्वालिटी का सोना अच्छा होता है, जिससे यह काफी महंगा बिकता है। देश में दुबई के सोने की मांग ज्यादा है। दुबई का सोना प्रीमियम क्वालिटी का सोना होने के कारण उसकी रीसेल वैल्यू भी अच्छी मिलती है। एक अनुमान के मुताबिक देश में हर साल 30 से 40 हजार करोड़ का सोना तस्करी के जरिये आता है।