बायो सीएनजी से जली चिमनी
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विक्रमादित्य ने बताया भारतीय मानकों के अनुसार गोबर गैस प्लांट में तैयार गैस को मान्यता मिल चुकी है। गेल, इंडियन ऑयल जैसी कंपनियों से करार होने के बाद गैस का घरेलू इस्तेमाल के साथ वाहनों में भी प्रयोग किया जा सके। इसके अलावा छोटी निजी औद्योगिक इकाइयों को भी गैस की बिक्री की जाएगी।
एक नजर में
- 23 करोड़ रुपये की लागत
- 55 हजार लीटर तरल जैविक खाद
- 18 हजार किलो ठोस खाद
- 3300 किलो गैस का उत्पादन
- 05 एकड़ में फैला है प्लांट
- 90 टन गोबर की होगी खपत