फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बनारस में सज गई बकरामंडी: बकरीद पर होगी कुर्बानी, डेढ़ लाख का अजमेरी बकरा; खरीदारी तेज

Fri, 22 May 2026 04:22 PM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Eid al Adha: वाराणसी में बकरीद को लेकर बकरामंडी सज गई है। बेनियाबाग मंडी में तोतापरी, बरबरी और जमुनापारी नस्ल के बकरों की खरीदारी तेज हो गई है। मंडी में डेढ़ लाख रुपये तक के अजमेरी बकरे और चार दुम्बे आकर्षण का केंद्र बने हैं। व्यापारी और खरीदार दोनों त्योहार को लेकर उत्साहित नजर आ रहे हैं।
विज्ञापन
बेनियाबाग बकरामंडी में दुकानदार और खरीदार। - फोटो : संवाद
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

Varanasi News: बकरीद (ईद-उल-अजहा) का त्योहार 28 मई को मनाया जाएगा। तीन दिनों तक होने वाली कुर्बानी को लेकर पशुओं की खरीद-फरोख्त तेज हो गई है। शहर की सबसे बड़ी बेनिया बकरा मंडी में इन दिनों सुबह से देर रात तक खरीदारों की भीड़ उमड़ रही है। यहां 10 हजार से लेकर 1.50 लाख रुपये तक के बकरे बिक रहे हैं। मंडी में तोतापरी, बरबरी, जमुनापारी, अजमेरी समेत देसी नस्ल के बकरे पसंद किए जा रहे हैं। इसके अलावा चार दुम्बे भी बिक्री के लिए लाए गए हैं।

विज्ञापन


बकरीद नजदीक आते ही लोग कुर्बानी के लिए बकरों की खरीदारी में जुट गए हैं। बेनिया मंडी में वाराणसी के साथ आसपास जिलों से भी बड़ी संख्या में खरीदार पहुंच रहे हैं। लोग अपनी पसंद के अनुसार मोलभाव कर बकरे खरीद रहे हैं। बृहस्पतिवार को भी दिनभर मंडी में खरीदारी के लिए रौनक बनी रही।

आजमगढ़ के व्यापारी बिस्मिल्लाह जमुनापारी नस्ल के बकरे लेकर आए हैं, जिनकी कीमत एक लाख से डेढ़ लाख रुपये तक बताई जा रही है। हालांकि ग्राहकों की ओर से 70 हजार से एक लाख रुपये तक के भाव लगाए जा रहे हैं। वहीं, चंदौली के एक व्यापारी 1.20 लाख रुपये कीमत वाला अजमेरी बकरा बेच रहे हैं, जिस पर अब तक 80 हजार रुपये तक की बोली लग चुकी है।

विज्ञापन
विज्ञापन

मंडी संचालक शाजिद ने बताया कि फिलहाल करीब दो हजार बकरे मंडी में आए हैं और अगले दो-तीन दिनों में संख्या और बढ़ने की उम्मीद है। आजमगढ़, इटावा, कानपुर, गोरखपुर, चंदौली और भदोही समेत कई जिलों के व्यापारी यहां बकरे लेकर पहुंचे हैं।

शहर के जल्लालीपुरा, सरैया, बकरियाकुंड, बड़ी बाजार, बजरडीहा और लोहता समेत कई इलाकों में भी छोटी-छोटी मंडियां सजने लगी हैं, जहां बकरों के साथ भैंसे और दुम्बा की भी बिक्री हो रही है।

जरूरतमंदों की मदद और भाईचारे का संदेश : इस्लाम में बकरीद (ईद-उल-अजहा) त्याग, समर्पण और इंसानियत का पर्व माना जाता है। यह त्योहार हजरत इब्राहिम अलैहिस्सलाम की उस कुर्बानी की याद में मनाया जाता है, जब उन्होंने अल्लाह के हुक्म पर अपनी सबसे प्रिय चीज कुर्बान करने की तैयारी दिखाई थी। कुर्बानी केवल रस्म नहीं, बल्कि त्याग, जरूरतमंदों की मदद और भाईचारे का संदेश है। बकरीद का असली उद्देश्य दिखावा नहीं, बल्कि इंसानियत, साझेदारी और अल्लाह की रजा हासिल करना है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें