गोवा में पार्टी के दौरान ड्रग्स लेने के आरोप में हिरासत में लिए गए वाराणसी निवासी डॉ. अभिषेक विक्रम सिंह पर युवती के इलाज में लापरवाही का भी आरोप लग रहा है। गोवा पुलिस की पड़ताल के मुताबिक दिल्ली निवासी युवती सारा खान की हालत बिगड़ने के बावजूद उसे अस्पताल नहीं ले जाया गया। कई घंटे बाद 20 नवंबर की देर शाम स्थिति नाजुक होने के बाद होटल कर्मचारियों की मदद से सारा को अस्पताल भेजा गया। उसे आईसीयू में भर्ती किया गया है। हालांकि, पूर्व मंत्री वीरेंद्र सिंह के मुताबिक उनके बेटे डॉक्टर अभिषेक ने युवती के इलाज में मदद की।
पणजी की कलंगुट थाने की पुलिस की जांच में सामने आया कि पार्टी के दौरान होटल की दीवार फांदकर अंदर आए एक युवक ने चिकित्सक को कंट्राबैंड टैबलेट थमाया था। डांस के दौरान युवती ने पेय पदार्थ के साथ टैबलेट खाया और कुछ ही देर बाद वह उल्टी करने लगी। पेट में दर्द और तबीयत बिगड़ने पर युवती और डॉक्टर होटल के कमरे पर आए। पुलिस के मुताबिक रात में दोनों सो गए। सुबह डॉक्टर के जागने के बाद युवती बाथरूम के फर्श पर औंधे मुंह पड़ी थी।
कार्डियोलॉजिस्ट अभिषेक ने प्राथमिक उपचार दिया लेकिन वह ठीक नहीं हुई तो बाद में होटल कर्मियों की सहायता से युवती को कैंडोलिम स्थित सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया। हालत गंभीर होने और होश में नहीं आने पर युवती को निजी अस्पताल में ले जाया गया। वहां तुरंत उसे वेंटीलेटर पर रखा गया। स्थानीय डॉक्टरों ने पुलिस को बताया कि ड्रग्स की ओवरडोज से युवती की हालत बिगड़ी है। इसी आधार पर कलंगुट थाने में डॉ. अभिषेक और युवती सारा खान और अज्ञात ड्रग पैडलर के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट समेत अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज किया गया। पणजी के कलंगुट थाने के पीआई गुरुदत्त सांवत के अनुसार एनडीपीएस एक्ट में मुकदमा दर्ज कर चिकित्सक को हिरासत में लिया गया है। दोनों ने 19 नवंबर को ड्रग लिया था और 20 नवंबर की शाम सारा खान को अस्पताल पहुंचाया गया। वहां से उसे हायर सेंटर रेफर किया गया।