झाड़ फूंक के लिए परिवार के साथ मकदूम साहब के दरबार जा रही युवती की रोडवेज की चलती बस में मौत हो गई। रविवार की रात आठ बजे बस चालक उसकी लाश आजमगढ़ के कप्तानगंज मुख्य चौक पर उतार कर फरार हो गया।
भीड़भाड़ वाले स्थान पर लाश रखकर सड़क पर रोने की आवाज सुनकर भीड़ जुट गई। लोग तरह तरह की आफवाह उड़ाने लगे। कोरोना वायरस को लेकर भले ही सर्तकता बरतने का आदेश है। बावजूद पुलिस ने इन अफवाहों पर विराम लगाने की कोई पहल नहीं की। मामला संज्ञान में आने पर सीओ बूढ़नपुर ने दरोगा को भेजकर पीड़ित परिवार की मदद के लिए लगाया।
गंभीरपुर थाना क्षेत्र के भिटिया गांव निवासी मकसूद की बाइस वर्षीय सकीना की तबियत काफी दिनों से खराब चल रही थी। रविवार को परिवार के लोग उसे लेकर आंबेडकर नगर जिले में स्थित मकदूम साहब के दरबार ले जा रहे थे। साथ में मां शाहजहां, बड़ी बहन समीना और भाई जान मोहम्मद के साथ जा रहे थे। जैसे ही बस कप्तानगंज थाने के मंदुरी बाजार पहुंची सकीना ने बस में दम तोड़ दिया।
बस चालक ने कप्तानगंज चौक पर मृतका के परिजनों उतार दिया। मृतका अपने दो भाई दो बहनों में सबसे छोटी थीं ये कई महीनों से बीमार चल रही थी। इसके पिता साइकिल से खिलौने बेचकर इलाज करा रहे थे, लेकिन तबीयत बिगड़ती चली गई। इसलिए झाड़-फूंक के चक्कर में मकदूम साहब के दरबार में ठीक हो जाए। मौत की सूचना घर पर दी गई। मौके पर पहुंचे परिजनों ने लाश को लेकर चले गए।