फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आंख के ऑपरेशन के बाद बच्ची की मौत: एक हफ्ते बाद DM ने दिए जांच के आदेश, बिलखती मां ने मांगा था इंसाफ

Sun, 26 Oct 2025 12:02 PM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

वाराणसी में एक निजी अस्पताल में आंख का ऑपरेशन करवाने गई सात साल की बच्ची की माैत होने की सूचना पाकर माैके पर पुलिस भी पहुंच गई थी। पीड़ित परिवार से तहरीर लेकर कार्रवाई की बात कही गई थी। इसके बाद बच्ची की मां ने सीजीएम कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया था।
विज्ञापन
अस्पताल के बाहर पुलिस और परिवार। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

Varanasi News: आंख के ऑपरेशन के बाद हुई अनाया रिजवान (7) की मौत के मामले में मां ने बीते गुरुवार को अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ लापरवाही का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज करने के लिए सीजीएम कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया था। पीड़िता ने जिलाधिकारी से भी न्याय की गुहार लगाई थी। 

विज्ञापन


जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने मेडिकल जांच समिति गठित की है। समिति को जल्द से जल्द जांच कर रिपोर्ट सौंपनी है। वादिनी आफरीन रिजवान ने प्रार्थना पत्र में अस्पताल प्रबंधन पर आरोप लगाया था कि बच्ची अनाया रिजवान एक निजी अस्पताल में आंख की सर्जरी के लिए गई थी। एनेस्थीसिया की मात्रा और ऑक्सीजन आपूर्ति की अस्थिरता के कारण बच्ची की सांस और हृदय गति रुक गई। इससे उसकी मौत हो गई। 

ये है पूरा मामला

महमूरगंज के आई हॉस्पिटल में सात साल की बच्ची अनाया रिजवान (7) की बीत 17 अक्टूबर की रात मौत हो गई थी। इसके विरोध में परिजनों ने हॉस्पिटल के गेट पर हंगामा किया गया था। इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए परिजनों ने भेलूपुर थाने में तहरीर दी है। 

बेनियाबाग निवासी अनाया रिजवान की मौत के बाद परिजनों ने हॉस्पिटल के बाहर विरोध जताते हुए डॉक्टरों पर कार्रवाई और अस्पताल का लाइसेंस रद करने की मांग की थी। मां आफरीन ने बताया था कि आंख में समस्या होने पर परिजन उसे महमूरगंज के आई हॉस्पिटल लेकर गए थे।
विज्ञापन

परिजनों में मचा कोहराम
डॉक्टर ने रेटिना की सर्जरी की बात कही। आई हॉस्पिटल में सर्जरी के बाद उसे दूसरे हॉस्पिटल में रेफर किया गया था। यहां डॉक्टर ने बच्ची के स्वस्थ होने की बात कही। इसके बाद बच्ची की मौत हो गई। मौत की वजह अस्पताल प्रबंधन ने कार्डियोरेसपेरिटरी फेलियर बताया है। 

आफरीन ने जिलाधिकारी से मामले की जांच की मांग की है। साथ ही दोनों अस्पतालों के सीसीटीवी फुटेज, ऑपरेशन थियेटर वेंटिलेशन रिपोर्ट, एनेस्थीसिया संबंधी रिकॉर्ड और मरीज की भर्ती से मृत्यु तक के सभी चिकित्सकीय दस्तावेज को भी सुरक्षित करवाने की मांग की। 

हॉस्पिटल पर प्रदर्शन करने के बाद परिजन महमूरगंज पुलिस चौकी पर गए। एसीपी भेलूपुर गौरव कुमार ने बताया कि 14 अक्तूबर को बच्ची को आई हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया था। इसके बाद बच्ची को परिजन सिगरा इलाके में दूसरे अस्पताल ले गए। यहां इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों की तहरीर के आधार पर जांच कराई जा रही है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें