कुपोषण से बढ़ता है टीबी का जोखिम
उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी/जिला क्षयरोग अधिकारी डॉ. पीयूष राय ने बताया कि कुपोषण और टीबी में दो तरफा संबंध हैं। कुपोषण से टीबी रोग के विकसित होने का जोखिम बढ़ जाता है, जबकि टीबी के कारण ऊतक टूटने के कारण कुपोषण की स्थिति और खराब हो जाती है। कुपोषण से टीबी का जोखिम बढ़ता है।
टीबी से कमजोरी बढ़ती है, वजन घटता है, मरीज की तबीयत भी बिगड़ जाती है। बेहतर पोषण से टीबी मरीजों की मृत्यु-दर में कमी लाने में मदद मिल रही है टीबी रोगियों में कुपोषण को दूर करने के लिए उपचार के प्रति सजग रहना अति आवश्यक है जिससे मृत्यु-दर कम होती है और दीर्घकालिक उपचार के परिणाम बेहतर होते हैं।
उन्होंने कहा कि जनपद में कुल 7524 मरीजों का इलाज चल रहा है, जहाँ सरकारी अस्पतालों के साथ-साथ निजी अस्पताल भी इस मुहिम को आगे बढ़ाने में अग्रसर हैं।