इधर, बकेट में खड़े होकर काम कर रहे कर्मी रमाशंकर शर्मा उर्फ छोटू सीधे नीचे वाहन के डाले में जा गिरे और गंभीर रूप से घायल हो गए। आनन-फानन में सहकर्मी चालक अफजाल, लाइनमैन दयाराम, गुल्लू गुप्ता और शिवम प्रधान घायल रमाशंकर को पास के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
उधर, हादसे के बाद लोगों ने डंपर को रोक लिया, लेकिन उसका चालक भारी भीड़ का फायदा उठाकर मौके से भाग गया। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। प्रभारी निरीक्षक रामसजन नागर ने बताया कि डंपर को कब्जे में लेकर चालक को चिह्नित किया जा रहा है। तहरीर मिलने पर विधिक कार्रवाई होगी।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़, बिलख पड़े परिजन
हादसे से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट गया। नगर पालिका कर्मी रमाशंकर की मौत की जानकारी मिलते ही पत्नी कुंती देवी और तीनों पुत्रियां नेहा, अन्नू व कुमकुम सहित परिजन दहाड़े मारकर रोने-बिलखने लगे। आवाज सुनकर ग्रामीणों की भीड़ मृतक के दरवाजे पर जुट गई। गांव के लोग परिजनों को सांत्वना देने में जुटे थे।
ग्रामीणों ने बताया कि बीते वर्ष फरवरी माह में ही एक अन्य सड़क हादसे में रमाशंकर के भाई शिवशंकर शर्मा की भी मौत हो गई थी। भाई के जाने के बाद से रमाशंकर ही अपने परिवार के साथ-साथ अपने भाई के परिवार के लिए सहारा थे। वह दोनों परिवारों के भरण-पोषण का एकमात्र सहारा थे। रमाशंकर की असमय मौत से अब दोनों परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट गया।