बाबा रामदेव और आईएमस के विवाद में अखिल भारतीय व्यास संघ भी उतर आया है। व्यास संघ ने राष्ट्रपति को पत्र लिखकर प्राइवेट अस्पतालों की लापरवाही से मरने वाले कोविड मरीजों के परिजनों को पांच हजार करोड़ मुआवजा दिलाने और आईएमए की सीबीआई जांच कराने की मांग की है।
अखिल भारतीय व्यास संघ के अध्यक्ष महंत बालक दास ने राष्ट्रपति को लिखे गए पत्र में कहा है कि इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने पिछले दिनों जिस तरह से आयुर्वेद और भारतीय संस्कृति पर सवाल खड़ा किया उससे हर भारतीय आहत है। बाबा रामदेव ने भारतीय संस्कृति, योग और आयुर्वेद को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। आईएमए ने जिस तरह से बाबा रामदेव पर हमला बोला है इससे विदेशी कंपनियों के साजिश की बू आ रही है। जिस संगठन ने एलोपैथी का पक्ष लेकर भारतीय चिकित्सा पद्धति पर हमला किया है उस संगठन ने कभी मरीजों को भय दिखाकर लूटने वाले डॉक्टरों के खिलाफ एक शब्द नहीं बोला। कोविड संक्रमण काल में तमाम हास्पिटल ऐसे हैं जिन्होंने कोरोना की दवाई नहीं होने के बावजूद लाखों का बिल बना दिया। उन्होंने मांग की कि संगठन को तत्काल निर्देशित किया जाए कि सरकारी खाते में पांच हजार करोड़ रुपये जमा करें जिससे कि मरीजों के परिजनों को मुआवजा दिया जा सके।