मुंबई, जयपुर और दिल्ली के बाद अब वाराणसी में भी भारतीय रत्नाभूषण प्रशिक्षण संस्थान (इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ जेम्स एंड ज्वेलरी) की शाखा खुल गई, जहां वाराणसी की हस्तशिल्प गुलाबी मीनाकारी और आभूषण का डिजाइन तैयार करने वालों को प्रशिक्षण मिलेगा। रविवार शाम संस्थान की शाखा का कुबेर कांपलेक्स में उद्घाटन करते केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) निर्मला सीतारमण ने कहा, इससे वैश्विक बाजार में बनारसी आभूषण डिजाइनरों की मांग भी बढ़ेगी।
कहा कि वाराणसी में इंडियन इंस्टीट्यूट आफ जेम्स एंड ज्वैलरी का केंद्र खुलने से पूर्वांचल समेत आसपास के युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। यहां के युवाओं को अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के विशेषज्ञों से भी डायमंड कट, ज्वैलरी डिजाइन का प्रशिक्षण मिलेगा। केंद्र में ऐसे युवा भी लाभान्वित होंगे जो अब तक ज्वैलरी के क्षेत्र से जुड़े न रहे हों। सीतारमण ने यह भी कहा कि नोटबंदी के मुद्दे पर जनता सरकार के साथ है।
यह परियोजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्किल इंडिया मिशन का हिस्सा है। इस इंस्टीट्यूट के जरिए उत्तर भारत से आभूषणों और रत्नों का विदेशों में निर्यात भी किया जाएगा। बता दें कि वाराणसी के अलावा आजमगढ़, मिर्जापुर, मऊ आदि जिले साड़ी और गुलाबी मीनाकरी के लिए मशहूर हैं। हीरों की तराशी में बनारस का पुराना इतिहास रहा है। पन्ना और गोलकुंडा से निकले हीरों की तराशी बनारस के कारीगर किया करते थे। वाराणसी में आभूषणों का बड़ा कारोबार है।