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Suicide: गीता, योग और ध्यान से लगेगी आत्महत्याओं पर लगाम, आईआईटी बीएचयू के छात्रों ने की पहल

Sat, 09 Sep 2023 03:34 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

आईआईटी बीएचयू में सखा नाम से एक छात्र संगठन है। ये छात्र छात्राओं की समस्याओं के समाधान के लिए 2019 में बनाया गया था। मौजूदा स्थिति को देख संगठन ने अपना विस्तार किया है। 
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आत्महत्या की कोशिश - फोटो : सांकेतिक
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विस्तार
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देश भर के तकनीकी संस्थानों और आईआईटी में इन दिनों आत्महत्या के मामले देखने को मिल रहे हैं। सरकार की रिपोर्ट के अनुसार, बीते पांच साल में 98 घटनाएं हुई हैं। बीएचयू भी इससे अछूता नहीं है। हालांकि, इन घटनाओं को रोकने के लिए संस्थान की ओर से कई सकारात्मक प्रयास किए जा रहे हैं। खास बात यह कि इसका जिम्मा खुद संस्थान के छात्रों ने ही उठाया है।

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आईआईटी बीएचयू में सखा नाम से एक छात्र संगठन है। ये छात्र छात्राओं की समस्याओं के समाधान के लिए 2019 में बनाया गया था। मौजूदा स्थिति को देख संगठन ने अपना विस्तार किया है। इसमें अलग-अलग फैकल्टी के सात सदस्यों को शामिल किया गया है। जो किसी न किसी विभाग के प्रोफेसर हैं।

सखा संगठन फिलहाल एक लाइब्रेरी में चल रहा है, लेकिन आगे इसका अपना भवन होगा। जहां छात्र-छात्राएं न सिर्फ काउंसिलिंग के लिए आ सकेंगे, बल्कि कई सकारात्मक गतिविधियों में भी हिस्सा ले सकेंगे। केंद्र में गीता पाठ, स्पोर्ट्स एक्टिविटी, योग और ध्यान भी कराया जाएगा। समय-समय पर गीता, रामायण पाठ व अन्य आध्यात्मिक आयोजनों से सकारात्मक भाव जगाने के प्रयास होंगे।

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24 घंटे काम करती है टीम

सखा में पहले केवल छात्र ही काउंसिल के सदस्य होते थे। वर्तमान में फैकल्टी इंचार्ज रसायन विज्ञान विभाग के प्रोफेसर डॉ. वी रामनाथन हैं। कैंपस काउंसलर लक्ष्मण यादव छात्रों की काउंसिलिंग करते हैं। काउंसिलिंग का समय भले 2 से 6 बजे है, लेकिन टीम 24 घंटे काम करती है। जब भी किसी को टीम का सदस्य बनाया जाता है तो उससे इस बात की सहमति ली जाती है कि वह 24 घंटे उपलब्ध रहेगा। बताया कि कभी कभी रात में भी फोन आ जाता है तो टीम के मेंबर पहुंचते हैं।
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हर माह होगी है अलग-अलग एक्टिविटी

छात्र-छात्राओं के लिए सखा की ओर से अलग-अलग एक्टिविटी कराई जाती है। ताकि विद्यार्थी इसमें प्रतिभाग करें और लोगों से समस्या साझा करें। धार्मिक एक्टिविटी में गीता पाठ, रामायण पाठ के साथ ही अन्य प्रतियोगिताएं होती हैं। साथ ही योग, खेलकूद, गायन वादन का आयोजन होता है। समय समय पर बड़े काउंसलर को भी बुलाया जाता है।
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