बाबा विश्वनाथ की मंगला आरती में आए दिन की भीड़, धक्कामुक्की और दुर्व्यवस्था की शिकायतें दूर की जाएंगी। इसके लिए मंगला आरती के दर्शन में बदलाव किया जाएगा। अक्सर वीआईपी भक्तों के चलते टिकट लेने के बावजूद आम दर्शनार्थियों को मंगला आरती का दर्शन नहीं मिल पाता था। इसे रोकने के लिए नई व्यवस्था लागू की जा रही है। अब विशिष्ट श्रेणी वाले भक्त झरोखे से आरती देखेंगे।
अरसा बाद बाबा का झरोखा आरती के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। कभी विदेशी श्रद्धालुओं को इसी झरोखे से बाबा का दर्शन कराया जाता था। यह व्यवस्था महाशिवरात्रि से लागू होगी। मंगला आरती के लिए पहली बार नौबतखाने के पास के झरोखे का इस्तेमाल किया जाएगा। आरती के लिए झरोखे की सफाई करा ली गई है।
इस झरोखे से एक साथ 20 से अधिक श्रद्धालु मंगला आरती देख सकेंगे। मंदिर में आए दिन औसत से अधिक श्रद्धालुओं की आरती देखने के लिए भीड़ उमड़ने, टिकट लेने के बाद भी वीआईपी भक्तों की वजह से आम श्रद्धालुओं के आरती दर्शन से वंचित रह जाने की शिकायतों को प्रशासन ने गंभीरता से लिया है।
मंडलायुक्त/कार्यपालक समिति के सभापति नितिन रमेश गोकर्ण के निर्देश पर इस समस्या को दूर करने के लिए मंगला आरती के दर्शन की नई व्यवस्था की जा रही है। अब गर्भगृह के चारों फाटक की चौखट के अलावा बैकुंठ महादेव परिसर में टिकट लेने वाले श्रद्धालु ही रहेंगे।
इसके अलावा 20 स्थान नियमित खाली रखे जाएंगे ताकि अचानक किसी प्रोटोकॉल वाले राजनेता के आने पर आम श्रद्धालुओं को इधर-उधर न करना पड़े। अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी पारस नाथ द्विवेदी ने बताया कि झरोखे से मंगला आरती का दर्शन महाशिवरात्रि से शुरू हो जाएगा। टिकट जारी करने की भी सीमा तय कर दी गई है। अब तीन सौ से अधिक टिकट किसी भी दशा में जारी नहीं किए जाएंगे।