वाराणसी के नैपुरा और रमना गांव में 15 अगस्त से कूड़े की डंपिंग पूरी तरह से बंद कर दी जाएगी। नगर निगम ने बुधवार को इस मामले में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करते हुए हाईकोर्ट में यह जानकारी दी। इससे पूर्व कोर्ट ने नगर निगम को सख्त हिदायत दी थी कि 15 तक कूड़ा निस्तारण संयत्र हर हाल में चालू कर दिया जाए। निगम का कहना है कि इस बात का पूरा प्रयास किया जा रहा है कि कूड़ा डंप करना पूरी तरह से बंद हो जाए।
मालूम हो कि रमना समेत आसपास के दर्जन भर गांव के लोग रमना में कूड़ा डंपिंग को दो साल से विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि कूड़ा डंप होने से दिक्कत तो है ही, कूड़े में आग लगने के बाद उठने वाले धुएं से दम फूलने लग रहा है। राधेश्याम मिश्र की जनहित याचिका पर मुख्य न्यायमूर्ति डीबी भोसले और न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा की खंडपीठ ने सुनवाई की। नगर निगम की स्टेटस रिपोर्ट में कहा गया है कि कोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए राज्य सरकार, नगर निगम और अन्य संस्थाएं पूरी तत्परता से काम कर रही हैं। नैपुरा, रमना गांवों में कूड़ा काफी कम हो गया है। प्रयास है कि 15 अगस्त तक इसे पूरी तरह से बंद कर दिया जाए।