ढोल-ताशा दल के साथ निकाली गई गणपति बप्पा की शोभायात्रा
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गणपति बप्पा मोरया, जय गणेश, एक-दो-तीन-चार, बप्पा का हो जय-जयकार के उद्घोष के साथ लोग चल रहे थे। शहनाई की धुन और घोड़े पर सवार देवों के स्वरूप देवलोक का दर्शन करा रहे थे। यात्रा विश्वनाथ धाम पहुंची तो सभी ने गणेश जी के साथ श्रीकाशी विश्वनाथ को नमन किया। फिर यात्रा आगे बढ़ी।
गोदौलिया पर महिलाओं और ढोल-ताशा पथक के दल ने अपने अंदाज से सभी को मुरीद बनाया। महाराष्ट्र की लोककला झलक उठी। मार्ग में गणेश जी पर पुष्पवर्षा कर आरती उतारने की होड़ मची रही। गणेश जी रथ से ही लक्ष्मीकुंड पहुंचे। महिलाओं और पुरुषों ने गणपति बप्पा की आरती उतारी। इसके बाद रथ से कंधे पर लेकर गणेश जी को कुंड में विसर्जित किया गया।
शोभायात्रा में समिति के संरक्षक संतोष पाटिल, अध्यक्ष आनंद सूर्यवंशी, महामंत्री अन्ना मोरे, हनुमान शिंदे, माणिक राव पाटिल, सुहास पाटिल, तानाजी पाटिल, हणमंत राव मोरे, चंद्र शेखर शिंदे, अजीत पाटिल, मूसा मूलानी, सोनू पाटिल, बजरंग शिंदे, सुनील शिंदे, विनोद जाधव, चक्रवर्ती विजय नावड़, डॉ. कैलाश सिंह विकास, सचिन शाह आदि शामिल रहे।