गौरतलब है कि मंगलवार को मस्जिद के मुख्य द्वार पर एक नई नोटिस लगाए जाने के बाद पूरे क्षेत्र में हलचल मच गई थी। नोटिस में रेलवे प्रशासन द्वारा 13 जून को जारी नोटिस को प्रशासनिक कारणों से तत्काल प्रभाव से निरस्त किए जाने की बात लिखी गई थी।
यह सूचना सामने आते ही मस्जिद कमेटी के सदस्य और स्थानीय लोग बड़ी संख्या में मौके पर जुट गए थे। हालांकि शाम के समय रेलवे अधिकारियों और आरपीएफ की टीम ने मौके पर पहुंचकर नई नोटिस को हटवा दिया था। रेलवे अधिकारियों ने उस समय स्पष्ट किया था कि नई नोटिस के संबंध में उन्हें कोई जानकारी नहीं है और पूर्व में जारी नोटिस ही अधिकृत मानी जाएगी।
नोटिस लगाए जाने और हटाए जाने की घटना के बाद क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई थीं। इसी बीच बुधवार को हुई बैठक को पूरे प्रकरण में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बैठक के बाद मस्जिद कमेटी के सचिव एसएम यासीन ने बताया कि रेलवे अधिकारियों के साथ सकारात्मक बातचीत हुई है। उन्होंने कहा कि फिलहाल किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं होगी और न्यायालय तथा जिलाधिकारी के स्तर से जो भी आदेश जारी होगा, उसी के अनुरूप आगे की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। व
हीं सूत्रों के अनुसार काशी रेलवे स्टेशन के विस्तारीकरण और मॉडल स्टेशन परियोजना के तहत आसपास के क्षेत्रों में निर्माण कार्य चल रहा है। इसी क्रम में गंज शहीदा मस्जिद को लेकर भी प्रशासनिक और कानूनी स्तर पर विचार-विमर्श जारी है। इसके अलावा काशी रेलवे स्टेशन पर दो रेलवे कालोनी और करीब तीन से चार मंदिरों को हटाया जाना है।
काशी स्टेशन विस्तार कार्य से ट्रेनों की रफ्तार पर ब्रेक
काशी रेलवे स्टेशन को विश्वस्तरीय और मॉडल स्टेशन के रूप में विकसित करने के लिए चल रहे निर्माण कार्य का असर अब रेल परिचालन पर भी दिखाई देने लगा है। भदऊचुंगी स्थित रेलवे डाट पुल के अप-डाउन ट्रैक से गुजरने वावी ट्रेनों और माल गाड़ी की रफ्तार धीमी कर दी गई है। रेलवे डाट पुल के पास निर्माण एवं खुदाई कार्य के चलते रेलवे ने सुरक्षा के मद्देनजर ट्रेनों की गति पर अस्थायी प्रतिबंध लगाया है।
कैंट रेलवे स्टेशन से काशी स्टेशन होते हुए पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन (मुगलसराय) की ओर जाने वाली ट्रेनों को डाट पुल क्षेत्र में कॉशन ऑर्डर के तहत धीमी गति से चलाया जा रहा है। निर्माण कार्य ट्रैक के समीप होने के कारण इंजीनियरिंग विभाग और सिग्नल विभाग लगातार निगरानी कर रहे हैं। ट्रैक की स्थिरता, कंपन और सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए लोको पायलटों को निर्धारित स्थान पर रफ्तार कम करने के निर्देश दिए गए हैं।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि स्टेशन पुनर्विकास परियोजना के तहत ट्रैक, सिग्नलिंग सिस्टम, प्लेटफॉर्म विस्तार और यात्री सुविधाओं से जुड़े कई कार्य एक साथ चल रहे हैं। ऐसे में किसी भी प्रकार का जोखिम न हो, इसके लिए ट्रेनों को नियंत्रित गति से संचालित किया जा रहा है। निर्माण कार्य पूरा होने तक यह व्यवस्था जारी रह सकती है।