पांच घंटे वेटिंग पर हुआ शवदाह :
गंगा का जलस्तर बढ़ने से पांच घंटे से अधिक समय प्रतिक्षा के बाद शवदाह हो सका। मणिकर्णिका घाट निवासी विभूति नारायण सिंह ने बताया कि काशी के आस पास के सभी शवदाह स्थल बंद हो गये हैं। मंगलवार की रात्रि में अचानक बड़ी संख्या में शव लेकर लोग पहुंच गए। इससे वहां भीड़ लग गई। करीब पांच घंटे तक प्रतिक्षा करने के बाद शवों को जलाया जा सका। हालांकि सुबह होते होते स्थिति सामान्य हो गई।
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सुबह पांच बजे से स्थिर है जलस्तर :
केन्द्रीय जल आयोग के अनुसार गंगा का जलस्तर सुबह पांच बजे 69.97 था। इसके बाद से गंगा का जलस्तर स्थिर हो गया, जो देर रात तक रहा। हालांकि हथिनि बैराज से छोड़े गए पानी का असर करीब 48 घंटे बाद काशी में दिखेगा। तब तक आयोग का मानना है कि गंगा का बहाव आगे की होर हो जाएगा।