वाराणसी में गंगा जलस्तर का चेतावनी बिंदु 70.26 मीटर है। गंगा का जलस्तर बढ़ने की वजह से अस्सी से राजघाट के किनारे स्थित छोटे मंदिर और मढ़ियां पानी में समा गए हैं। गंगा को घाट की सीढ़ियों की ओर बढ़ता देख तीर्थ पुरोहितों और माझियों ने अपना सामान सुरक्षित स्थान पर पहुंचाना शुरू कर दिया है। बड़ी नावों को घाटों पर लगे पोलों और भवनों की कड़ियों से बांध दिया गया है। छोटी नावों को घाट के ऊपरी हिस्से की ओर ले जाने का काम शुरू कर दिया गया है। मांझियों का कहना है कि कोरोना की दूसरी लहर का असर खत्म होने के बाद किसी तरह से गंगा में नौकायन शुरू हुआ तो अब बाढ़ आ गई।
वरुणा किनारे रहने वाले परेशान
गंगा का जलस्तर बढ़ने से वरुणा तटवासियों में खलबली मचनी शुरू हो गई है। कोनिया, नक्खी घाट, ऊंचवा, सिंधवा घाट सहित आसपास के अन्य इलाकों के 350 से ज्यादा भवन बाढ़ के पानी से घिर सकते हैं। गंगा का जलस्तर तकरीबन 2 मीटर और बढ़ेगा तो उनकी मुश्किलों का सिलसिला बढ़ जाएगा।