पिपरी गांव में दो नाव से आवागमन
नाद व गोमती नदी के जलस्तर में घटाव शुरू हो गया है। हालांकि आवागमन के लिए अभी दो नावों का सहारा लेना पड़ रहा है। टेकुरी गांव में बाढ़ चौकी स्थापित है लेकिन अभी तक कोई शरणार्थी नहीं पहुंचा है। बाढ़ से सैकड़ों एकड़ फसलें जलमग्न हो गई हैं। बाढ़ के पानी के चलते मार्कंडेय महादेव घाट की सीढीयों, चंद्रावती घाट व गौरीशंकर महादेव घाट की सीढ़ियों पर पानी भर गया है।
बाढ़ से रामपुर की दलित बस्ती के 62 लोग पहुंचे राहत शिविर
ढाब क्षेत्र में रामपुर की दलित बस्ती में घुटने तक पानी भर गया है। इसके चलते 10 परिवारों के 68 लोगों ने ट्रैक्टरों पर घरेलू सामानों को लादकर शुक्रवार को राहत शिविर में शरण ले ली है। वहीं गंगा किनारे गांवों लूठा,छितौना , छितौनी आदि गांवों में जाने वाले रास्तों पर जगह जगह पानी आ गया है, छितौना में गुरु बंदे आश्रम तक जाने वाला संपर्क मार्ग पूरी तरह से जलमग्न हो गया है। इधर नाले के रास्ते जाल्हूपुर पशु शवदाह गृह तक पानी पहुंच गया है। गांव का आरआरसी सेंटर में पानी भर गया है।