कटान शुरू होने पर किसानों की खेती योग्य जमीन नदी की धारा में समाने का खतरा बढ़ जाएगा। इधर, सीतामढ़ी स्थित उड़िया बाबा आश्रम के पास गंगा का बाढ़ का पानी पहुंच गया है। पश्चिम वाहिनी इटहरा में गंगा तट के समीप स्थित नागा बाबा आश्रम के पास भी पानी पहुंचने लगा है। ग्रामीणों का कहना है कि गंगा का जलस्तर करीब एक मीटर और बढ़ा तो बाढ़ का पानी आश्रम परिसर में प्रवेश कर सकता है।
अधिशासी अभियंता नहर सुधीर कुमार पाल ने कहा कि अभी चेतावनी बिंदु 80.200 मीटर से पानी करीब दो मीटर नीचे है। प्रशासन की तरफ से तैयारी पूरी है। जिन कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है उनको अलर्ट रहने के लिए कहा गया है।
कटान से गंगा में समा जाती है उपजाऊ भूमि
जिले में गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। भले ही अभी पानी चेतावनी बिंदु से दो मीटर से नीचे है लेकिन इटहरा, छेछुआ, भुर्रा अति संवेदनशील क्षेत्र हैं। यहां पर 78 मीटर के पार पानी पहुंचते ही उपजाऊ भूमि कटकर गंगा में समाने लगती है। पूर्व के वर्षों में हुए कटान से 15 से 20 किसानों की कई बिस्वा जमीन गंगा में समा चुकी है।