Varanasi News: वाराणसी में बारिश न होने से 17 सेंटीमीटर गंगा का जलस्तर घटा, फिर भी एक घाट से दूसरे घाट जाने का रास्ता बंद है। पिछले साल भी 12 अगस्त को पानी नीचे उतरना लगा था।
मानसून में बारिश कम होने की वजह से गंगा का जलस्तर स्थिर है। सोमवार को 63.78 मीटर पहुंचने के बाद बीते दो दिनों से जलस्तर बढ़ा नहीं है। बुधवार को जलस्तर में 17 सेंटीमीटर घट गया। पिछले साल से तुलना करें तो 12 अगस्त 2025 को भी पानी घट गया था।
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गंगा और वरुणा बीते कुछ दिनों में लगातार बढ़ा है। हालांकि बीते सोमवार से गंगा और वरुणा दोनों नदियों का जलस्तर उफान पर था। सोमवार को गंगा का जलस्तर 63.78 मीटर और वरुणा का 68.43 मीटर दर्ज किया गया था। दो दिन बाद गंगा के जलस्तर में घटाव देखने को मिला। वहीं, वरुणा का जलस्तर बुधवार को 68.50 मीटर हो गया।
वहीं, पिछले साल 12 अगस्त 2025 को गंगा का जलस्तर खतरे के निशान (71.26 मीटर) से नीचे उतर रहा था। अगस्त के पहले सप्ताह में नदी खतरे के निशान को पार कर करीब 72.1 मीटर तक पहुंच गई थी, लेकिन 12 अगस्त तक पानी काफी हद तक घट चुका था और स्थिति सामान्य होने लगी थी।
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गंगा वैज्ञानिक कृपाराम ने बताया कि वरुणा का क्षेत्रफल कम होने के कारण पानी अधिक लग रहा है। जबकि ऐसा नहीं है। गंगा का क्षेत्रफल और गहराई भी अधिक है। उन्होंने बताया कि इस बार बरसात पिछले बार के मुकाबले कम हुई है। इसलिए भी जलस्तर में बढ़ोतरी उतनी नहीं हुई। कहा कि लगातार बारिश होगी तो जलस्तर बढ़ेगा।