बलिया में गंगा लाल निशान के ऊपर हैं। तो वहीं वाराणसी में गंगा का जलस्तर स्थिर रहने से गाजीपुर में भी जलस्तर स्थिर हो गया है। वाराणसी में गंगा का जलस्तर बुधवार की सुबह पांच बजे से ही स्थिर है, लेकिन दुश्वारियां अभी भी बरकरार हैं। गाजीपुर और बलिया दोनों जिलों में सौ से अधिक गांव पानी से घिरे हैं। फसल डूब गई हैं। वाराणसी समेत, गाजीपुर, चंदौली में गंगा स्थिर, और मिर्जापुर-भदोही में घटाव हो रहा है।
बलिया में गंगा के लाल निशान पार होते ही दक्षिण तरफ बसे आठ गांव पानी से घिर गए हैं। खड़ी फसल भी डूब गई है। जलस्तर में दो सेमी प्रति घंटे का बढ़ाव बना है। लालगंज क्षेत्र के शिवपुर घाट के पास बहुआरा और टीका सेमरिया मौजे की करीब 10 बीघे कृषि योग्य भूमि गंगा में समाहित हो गई। गाजीपुर में गंगा लाल निशान के करीब पहुंच गई हैं।
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यहां खतरे का निशान 63.105 मीटर है, जबकि शाम छह बजे गंगा 62.995 मीटर पर पहुंच गई थी। जिले में सौ से अधिक गांव पानी से घिरे हैं। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार वाराणसी में गंगा का जलस्तर सुबह पांच बजे 69.97 था। इसके बाद से यह स्थिर हो गया है। हालांकि हथिनि बैराज से छोड़े गए पानी का असर करीब 48 घंटे बाद काशी में दिखेगा। चंदौली में भी गंगा स्थिर हैं, जबकि मिर्जापुर और भदोही में गंगा का पानी घट रहा है। आजमगढ़ में घाघरा का पानी भी घट रहा है।