काशी में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। पिछले बृहस्पतिवार को गंगा का जलस्तर 58.3 मीटर दर्ज किया गया था, जो बुधवार को बढ़कर 60.2 मीटर पहुंच गया। यानी एक सप्ताह में गंगा के जलस्तर में करीब 1.9 मीटर की वृद्धि हुई है। बीते एक सप्ताह के हालात को देखते हुए अनुमान लगाया जा रहा है कि गंगा का जलस्तर और बढ़ सकता है। हालांकि पिछले साल 15 जुलाई को गंगा का जलस्तर 68.43 मीटर दर्ज किया गया था, जो इस बार के मुकाबले 8.23 मीटर अधिक है।
एक सप्ताह में लगभग छह फीट जलस्तर बढ़ना सामान्य से अधिक माना जाता है। मानसून के दौरान पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश से नदी का बहाव तेज हो जाता है, जिससे ऐसी स्थिति बनती है। गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए नदी किनारे के घाटों और निचले इलाकों में प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है। जलस्तर बढ़ने से गंगा का प्रवाह भी तेज हो गया है। हालांकि, अभी जलस्तर खतरे के निशान से काफी नीचे है।
केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) की ओर से जारी फ्लड फोरकास्ट के अनुसार वाराणसी में अगले सात दिनों के दौरान गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ने का अनुमान है। राहत की बात यह है कि यह बढ़ोतरी फिलहाल चेतावनी और खतरे के निशान से काफी नीचे रहने का अनुमान है। सीडब्ल्यूसी के आंकड़ों के अनुसार वाराणसी में चेतावनी स्तर 70.262 मीटर, खतरे का निशान 71.262 मीटर और अब तक का उच्चतम बाढ़ स्तर 73.901 मीटर है।
गंगा वैज्ञानिक डॉ. कृपा राम ने बताया कि ऊपरी गंगा, यमुना, घाघरा समेत विभिन्न नदी बेसिनों में हो रही बारिश का असर आने वाले दिनों में गंगा के जलस्तर पर दिखाई देगा। यदि कैचमेंट क्षेत्रों में भारी बारिश का दौर जारी रहता है तो जलस्तर में और तेजी से वृद्धि हो सकती है।
- वर्तमान जलस्तर : लगभग 60.2 मीटर
- चेतावनी स्तर : 70.262 मीटर
- खतरे का निशान : 71.262 मीटर
- अब तक का उच्चतम बाढ़ स्तर : 73.901 मीटर