बरेका में हर छह महीने पर होने वाली नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (नराकास) की बैठक में हिंदी के उपयोग को कार्यालयों में बढ़ावा देने का आह्वान महाप्रबंधक आशुतोष पंत ने किया। उन्होंने कहा कि हिंदी के उपयोग को और ज्यादा सरल, प्रभावी और तकनीक-सम्मत बनाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि राजभाषा हिंदी केवल कार्यालयी भाषा नहीं, बल्कि प्रशासन और जनसंपर्क के बीच एक सशक्त सेतु है। हमें प्रशासनिक कार्यों में हिंदी के ज्यादा से ज्यादा उपयोग की जरूरत है। इस दौरान नराकास की पत्रिका बनारस दर्पण और आईआईटी-बीएचयू की राजभाषा पत्रिका अभ्युदय का लोकार्पण भी किया गया। पूर्वोत्तर रेलवे के मंडल रेल प्रबंधक आशीष जैन ने कहा कि किसी भी संगठन की सफलता की कुंजी जनता से उसका जुड़ाव है और हिंदी इस जुड़ाव का सबसे सशक्त माध्यम है। इस दौरान अजय कुमार चौधरी, सागर, सुभाष चंद्र यादव, यथार्थ पांडेय आदि मौजूद रहे।