बलिया में गंगा लाल निशान से 1.27 मी. ऊपर बह रही है और एक सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ाव जारी है। रविवार को नदी का जलस्तर 58.880 मी. दर्ज किया गया। गंगा की लहरों ने केहरपुर में जमकर तबाही मचाई। यहां कटान होने के चलते पेयजल योजना के तहत बनी पानी की टंकी, पूर्व माध्यमिक विद्यालय सुघरछपरा के साथ ही करीब दर्जनभर मकान जमींदोज हो गए।
केहरपुर में खतरा बिंदु से एक मीटर ऊपर बह रही गंगा ने रविवार को जमकर तबाही मचाई है। इसमें पेयजल योजना के तहत बनी पानी टंकी, पूमावि सुघरछपरा के साथ ही करीब दर्जनभर आशियाने नदी मे समाहित हो गए। ग्रामीणों ने बताया कि जलेश्वर दुबे, मुनेश्वर दुबे, रामेश्वर दुबे, प्रभुनाथ ओझा, रामनाथ ओझा, योगेंद्र ओझा, जयप्रकाश ओझा, रमाकांत ओझा, शिवनाथ ओझा, शंभुनाथ ओझा, मंगलदेव ओझा का आशियाना पीड़ितों की नजरों के सामने जमींदोज हो गए। इसे पीड़ित दिल थाम कर मायूस नजरों से देखने के सिवाय कुछ न कर सके।
बलिया में गंगा के बढ़ते जलस्तर की वजह से गिरा घर
जिलाधिकारी भवानी सिंह खंगारौत व क्षेत्रीय विधायक सुरेंद्र सिंह ने रविवार सुबह दुबेछपरा रिंग बंधे का निरीक्षण किया। उन्होंने बंधे को हर हाल में बचाने का निर्देश बाढ़ विभाग के अधिशासी अभियंता को दिया।
गाजीपुर में रविवार की भोर में गंगा ने खतरा बिंदु 63.105 को पार कर लिया था। रविवार की शाम को जलस्तर 63.250 पहुंच गया था। जिले के करीब एक हजार गांव प्रभावित है। भदोही में जलस्तर 78.840 मीटर पहुंच गया था और पांच सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ाव जारी था।
मिर्जापुर में जलस्तर 76.520 मीटर रिकार्ड किया गया। जो खतरे के बिंदु से एक मीटर नीचे है। चंदौली में दोपहर में गंगा चेतावनी बिंदु को पार कर गई। जलस्तर 70.26 मीटर रिकार्ड किया गया, जिसमें तीन सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ाव जारी था।