सांसद ने कहा कि गंगा पुष्कर कुंभ महोत्सव के जरिये काशी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक भारत श्रेष्ठ भारत की संकल्पना साकार हो रही है। 12 दिवसीय गंगा पुष्कर कुंभ महोत्सव ने काशी और तेलुगु समाज के बीच के रिश्तों को और मजबूत किया है। मानसरोवर घाट पर संबोधन सुनने के लिए मंच बनाकर विशाल एलईडी स्क्रीन लगाई गई है। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए काशीवासियों को भी आमंत्रित किया गया है।
तर्पण-अर्पण और पिंडदान
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सांसद ने बताया कि गंगा पुष्कर कुंभ में बीते सात दिनों में 6.5 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने गंगा के तट पर तर्पण किया है। 12 दिनों का आयोजन तेलुगु समाज के लिए बेहद खास है। 12 वर्षों के बाद काशी आए तेलुगु समाज के लोग बदले हुए बनारस को देखकर आह्लादित हैं। सभी ने बनारस में हुए विकास के लिए प्रधानमंत्री को धन्यवाद भी दिया है। मैंने भी आज गंगा के तट पर समाज के लोगों के साथ अपने पुरखों का तर्पण किया है।
गंगा पुष्कर कुंभ में ब्रह्म मुहूर्त से ही अनुष्ठान आरंभ हो रहे हैं। पिंडदान, पूजन, आरती और प्रवचन के बाद श्रद्धालु काशी के मंदिरों की परिक्रमा कर रहे हैं। गंगा के तट पर रोजाना 90 हजार से सवा लाख दक्षिण भारतीय श्रद्धालु अपने पुरखों का तर्पण कर रहे हैं। हैदराबाद, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और चेन्नई के विद्वानों का समूह सुबह से लेकर देर शाम तक श्राद्ध की प्रक्रिया को पूरा करने में लगा है।