गंगा, वरुणा, गोमती और नाद नदी के रौद्र रूप से ग्रामीण इलाकों के लोग सहम गए हैं। गांवों में बाढ़ का पानी घुसने से लोग सुरक्षित ठिकाने तलाशने के जतन कर रहे हैं। पिपरी और ढाब क्षेत्र के गांव पानी से घिरकर टापू बन गए हैं। वहीं, पुल और सड़कों के ऊपर से पानी बहने से दर्जनों गांवों का संपर्क टूट गया है। आवागमन बाधित होने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। वहीं, फसलें बर्बाद होने से किसान सदमे में हैं। पशुओं के लिए चारे का संकट भी पैदा हो गया है।
चौबेपुर और चोलापुर संवाददाता के अनुसार गंगा में बाढ़ के कारण शुक्रवार को ढाब क्षेत्र के रमचंदीपुर, मोकलपुर, गोबरहा, रामपुर और नजवां आदि गांवों में पानी पहुंच गया है। इससे ग्रामीणों में दहशत पैदा हो गई है। लोग सुरक्षित ठिकाना तलाश रहे हैं लेकिन चारों ओर पानी होने के कारण कहीं आना-जाना भी मुश्किल हो गया है। मोकलपुर, रैपुरा, सिंघवार, सनारपुर और रसूलगढ़ गांव में पानी घुस जाने से लोगों की दुश्वारियां बढ़ गई हैं। साथ ही इन गांवों का बाहर से संपर्क टूट गया है। रमचंदीपुर, मुस्तफाबाद, चांदपुर, कुकुढहां, अंबा, चंद्रवती, सरसौल, शिवदशां, परनापुर, बर्थराकलां, मुरीदपुर, रमैला, छितौना, खरगीपुर, गौरा उपरवार समेत कई गांवों में गन्ना, ज्वार, बाजरा, तिल, धान, मूंग और सब्जी की फसलें जलमग्न हो गई हैं। चंदौली के पूर्व सांसद राम किशुन ने दोपहर में ढाब क्षेत्र के गांवों में पहुंचकर बाढ़ पीड़ितों का दुख बांटा और जिलाधिकारी से संपर्क कर ग्रामीणों मदद मुहैया कराने की मांग की।
दानगंज संवाददाता के अनुसार गोमती नदी में बाढ़ के चलते 1200 की आबादी वाला चोलापुर ब्लाक का पिपरी गांव पानी से घिरी गया है। दहशत में आकर सैकड़ों लोग गांव छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर चले गए हैं। ब्लॉक प्रमुख सुभाष यादव ने गांव का दौरा कर बाढ़ पीड़ितों से मिले। प्रधान संतोष यादव ने बताया कि ऐसी दशा में भी ग्रामीणों को प्रशासन से कोई मदद नहीं मिल रही है। इसी तरह नियार, उघो रामपुर, बाबतपुर, नेवादा, अजगरा, लक्ष्मीसेनपुर और टेकरी आदि गांवों की फसलें एवं सड़कें जलमग्न हो गई हैं।
सेवापुरी संवाददाता के अनुसार वरुणा में आए उफान के कारण सत्तनपुर में मिनी पुल के ऊपर से पानी बह रहा है। इसके चलते सत्तनपुर और कूड़ी मार्ग पर आवागमन ठप हो है। इस मार्ग से जुड़े हाथी, बरनी, बसवरिया, रैसीरामपुर, पचवार, खरगूपुर, कूड़ी, फत्तेपुर, फुलवरिया और मोहनपुर समेत दर्जनों गांव के लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। वहीं, नदी किनारे के सरावां, कालिकाधाम, ईशरवार, भिटकुरी, सत्तनपुर, तेंदुई, जगापट्टी, राखी, नेवादा, गोगवा, रसूलपुर, इनरखापुर, जगापट्टी, परसीपुर, रामेश्वर आदि गांवों में हजारों एकड़ फसल जलमग्न हो गई हैं। आराजी लाइन संवाददाता के अनुसार गंगा में बाढ़ का पानी शाहंशाहपुर इलाके में घुसने से हजारों एकड़ फसलें जलमग्न हो गई हैं। वहीं, शाहंशाहपुर-मंगरहा मार्ग डूब जाने से गई गांवों के बीच आवागमन ठप हो गया है।