वाराणसी। अस्सी घाट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फावड़ा चलाकर स्वच्छता अभियान की शुरुआत करने के 30 दिन सोमवार को पूरे हो गए, लेकिन बहुत सुधार नहीं आ सका है। महीने भर बाद भी अस्सी से लगे कई घाटों से गाद नहीं हटाई जा सकी है। जबकि, पीएम के सामने स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने महीने भर में ही घाटों को चमकाने का भरोसा दिलाया था।
नौ प्लेटफार्म वाले अस्सी घाट पर सातवें प्लेटफार्म की धुलाई कराने के साथ ही गाद हटाने का काम चल रहा है। अभी इस घाट की अंतिम सीढ़ी तक सफाई में समय लगेगा। पास के नया अस्सी घाट(मालवीय घाट) पर लगी गाद सुलभ इंटरनेशनल पोकलैन, जेसीबी से हटवा रहा है। अभी वहां से आधी भी गाद नहीं हट सकी है। इसके दक्षिणी हिस्से के घाट को सफाई के लिए गायत्री परिवार ने गोद लिया है, लेकिन इस आध्यात्मिक संस्था की ओर से अभी तक काम शुरू ही नहीं कराया जा सका है। गंगा महल घाट को गोद लेने वाले पंजाब नेशनल बैंक ने मजदूर लगाकर फावड़ा से सफाई शुरू कराई है। वहां जेसीबी उतारने का रास्ता न होने से घाट की सफाई टेढ़ी खीर नजर आने लगी है।