वाराणसी। भैंसासुर घाट पर सोमवार को नगर निगम के प्रवर्तन दल ने जेसीबी चलवाकर अतिक्रमण हटवाया। यहां अवैध रूप से बनाए गए आधा दर्जन मकान समेत झुग्गी-झोपड़ी और दुकानों को तोड़ कर ध्वस्त कर दिया गया। दोपहर एक बजे के करीब आदमपुर पुलिस के साथ पहुंची नगर निगम प्रर्वतन दल ने घाट के 22 अतिक्रमण को जमींदोज कर दिया। लोगों ने विरोध करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस फोर्स के मौजूद रहने की वजह से साहस नहीं जुटा पाए।
नगर निगम के जोनल अधिकारी रामेश्वर दयाल ने बताया कि भैंसासुर घाट पर कई लोगों ने भवन निर्माण कराने के साथ ही झुग्गी झोपड़ी और दुकान बनवा कर अवैध कब्जा किया था। इससे पहले अवैध कब्जेदारों को नगर निगम के द्वारा नोटिस जारी कर अतिक्रमण खुद हटाने को कहा गया था, लेकिन अतिक्रमण खाली न करने के कारण सोमवार को जेसीबी मशीन से अतिक्रमण ध्वस्त करने के साथ ही दोबारा अतिक्रमण न करने की चेतावनी दी गई। वहीं भैंसासुर घाट पर रहने वाले ज्योति साहनी, राजू साहनी, किरण कुमार उर्फ चुन्नू, बासदेव साहनी, रविशंकर साहनी समेत अन्य लोगों का आरोप है कि नगर निगम के अधिकारी मनमानी तरीके से कार्रवाई कर रहे हैं। नगर निगम द्वारा मकान खाली करने को लेकर कोई नोटिस नहीं दी गई थी।
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मढ़ी पर बनी नागा बाबा की कुटिया भी आई अतिक्रमण के जद में
भैंसासुर घाट के ऊपर मढ़ी पर बनी नागा बाबा की वर्षों पुरानी रिहायसी कुटिया पर भी नगर निगम ने बुलडोजर चला दिया। नागा बाबा की कुटिया तोड़े जाने को लेकर स्थानीय लोगों में भारी रोष है। लोगों का कहना है कि समाधि ले चुके नागा बाबा की कुटिया कई वर्षों से भैंसासुर घाट के बाई और मढ़ी पर स्थापित थी। लोग कुटिया में दर्शन पूजा करने के लिए जाते थे। नगर निगम के प्रवर्तन दल ने कुटिया को भी तोड़ कर पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया। कुटिया तोड़े जाने को लेकर नागा बाबा के अनुयायियों में भी आक्रोश है।